भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 340% बढ़ी, सोनोवाल ने '10वें हिंद महासागर संवाद' में दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 7 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित '10वें हिंद महासागर संवाद' को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2020 के बाद से भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में करीब 340 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने इसे देश की समुद्री नीति में सामाजिक सशक्तिकरण को दी जा रही प्राथमिकता का प्रमाण बताया।
मुख्य घटनाक्रम
आधिकारिक बयान के अनुसार, सोनोवाल ने कहा कि 'नारी शक्ति' भारत के समुद्री विकास की सबसे अहम ताकत बनकर उभर रही है। उन्होंने 'सागर में सम्मान' जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इनके माध्यम से महिलाओं को समुद्री क्षेत्र में सम्मान, नेतृत्व और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा यह बदलाव एक मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने में सहायक है।
हिंद महासागर की भूमिका और भारत की नीति
मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि हिंद महासागर केवल एक समुद्री क्षेत्र नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और आपूर्ति शृंखला की जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। भारत की समुद्री नीति में आर्थिक विकास के साथ-साथ मानव-केंद्रित विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
सोनोवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के 'सागर' और 'महासागर' दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र के सभी देशों के साथ मिलकर समान विकास और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समुद्री चुनौतियों का समाधान कोई एक देश अकेले नहीं कर सकता।
आईओआरए अध्यक्षता और कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
यह कार्यक्रम भारत की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, क्योंकि भारत 2025 से 2027 तक हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) की अध्यक्षता कर रहा है। इस वर्ष संवाद का विषय 'बदलती दुनिया में हिंद महासागर क्षेत्र' रखा गया। कार्यक्रम में कई देशों के मंत्री, नीति विशेषज्ञ, शिक्षाविद और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
संवाद में समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनमी, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। भारत की अध्यक्षता में आईओआरए ने नवाचार, खुलापन, मजबूती और अनुकूलन क्षमता को प्रमुख प्राथमिकता बनाया है।
भारत की जिम्मेदार भागीदारी
सोनोवाल ने कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में मानवीय सहायता, समुद्री निगरानी और आपदा राहत कार्यों में एक जिम्मेदार भागीदार की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने दोहराया कि भारत सभी सहयोगी देशों के साथ मिलकर एक सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि यह संवाद ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब वैश्विक समुद्री मार्गों पर भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहे हैं और भारत की भूमिका एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में उभर रही है।