भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 340% बढ़ी, सोनोवाल ने '10वें हिंद महासागर संवाद' में दी जानकारी

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भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 340% बढ़ी, सोनोवाल ने '10वें हिंद महासागर संवाद' में दी जानकारी

सारांश

2020 के बाद से भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 340% बढ़ी है — यह आँकड़ा केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने 10वें हिंद महासागर संवाद में साझा किया। 'सागर में सम्मान' जैसी योजनाओं और आईओआरए की अध्यक्षता के साथ, भारत समुद्री क्षेत्र को समावेशी और भविष्य-तैयार बनाने की राह पर है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 7 मई 2026 को बताया कि 2020 के बाद से भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में 340 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
'सागर में सम्मान' योजना के तहत महिलाओं को समुद्री क्षेत्र में नेतृत्व और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
भारत 2025 से 2027 तक हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) की अध्यक्षता कर रहा है।
10वें हिंद महासागर संवाद का विषय 'बदलती दुनिया में हिंद महासागर क्षेत्र' रखा गया।
संवाद में समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनमी , जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण पर चर्चा हुई।

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 7 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित '10वें हिंद महासागर संवाद' को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2020 के बाद से भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में करीब 340 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने इसे देश की समुद्री नीति में सामाजिक सशक्तिकरण को दी जा रही प्राथमिकता का प्रमाण बताया।

मुख्य घटनाक्रम

आधिकारिक बयान के अनुसार, सोनोवाल ने कहा कि 'नारी शक्ति' भारत के समुद्री विकास की सबसे अहम ताकत बनकर उभर रही है। उन्होंने 'सागर में सम्मान' जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इनके माध्यम से महिलाओं को समुद्री क्षेत्र में सम्मान, नेतृत्व और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा यह बदलाव एक मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने में सहायक है।

हिंद महासागर की भूमिका और भारत की नीति

मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि हिंद महासागर केवल एक समुद्री क्षेत्र नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और आपूर्ति शृंखला की जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। भारत की समुद्री नीति में आर्थिक विकास के साथ-साथ मानव-केंद्रित विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

सोनोवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के 'सागर' और 'महासागर' दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र के सभी देशों के साथ मिलकर समान विकास और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समुद्री चुनौतियों का समाधान कोई एक देश अकेले नहीं कर सकता।

आईओआरए अध्यक्षता और कार्यक्रम की पृष्ठभूमि

यह कार्यक्रम भारत की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, क्योंकि भारत 2025 से 2027 तक हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) की अध्यक्षता कर रहा है। इस वर्ष संवाद का विषय 'बदलती दुनिया में हिंद महासागर क्षेत्र' रखा गया। कार्यक्रम में कई देशों के मंत्री, नीति विशेषज्ञ, शिक्षाविद और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

संवाद में समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनमी, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। भारत की अध्यक्षता में आईओआरए ने नवाचार, खुलापन, मजबूती और अनुकूलन क्षमता को प्रमुख प्राथमिकता बनाया है।

भारत की जिम्मेदार भागीदारी

सोनोवाल ने कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में मानवीय सहायता, समुद्री निगरानी और आपदा राहत कार्यों में एक जिम्मेदार भागीदार की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने दोहराया कि भारत सभी सहयोगी देशों के साथ मिलकर एक सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि यह संवाद ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब वैश्विक समुद्री मार्गों पर भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहे हैं और भारत की भूमिका एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में उभर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक निम्न आधार से शुरू हुई वृद्धि है — समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की कुल वैश्विक हिस्सेदारी अभी भी 2% से कम है, और भारत का प्रारंभिक आधार भी बेहद सीमित था। असली सवाल यह है कि 'सागर में सम्मान' जैसी योजनाओं के तहत कितनी महिलाएँ वास्तव में नाविक, इंजीनियर या कमांडिंग अधिकारी बनी हैं, और कितनी केवल तटीय प्रशासन या सहायक भूमिकाओं में हैं। बिना श्रेणी-वार आँकड़ों के, यह उपलब्धि अधूरी तस्वीर पेश करती है। आईओआरए की अध्यक्षता भारत को क्षेत्रीय नेतृत्व का अवसर देती है, लेकिन इसका असर तभी दिखेगा जब घरेलू समावेश के ठोस और सत्यापन-योग्य प्रमाण सामने आएँगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में 340% वृद्धि का क्या अर्थ है?
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुसार, 2020 के बाद से भारत के मैरीटाइम सेक्टर में महिलाओं की संख्या में करीब 340 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आँकड़ा 7 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 10वें हिंद महासागर संवाद में साझा किया गया।
'सागर में सम्मान' योजना क्या है?
'सागर में सम्मान' केंद्र सरकार की एक पहल है जिसके तहत महिलाओं को समुद्री क्षेत्र में सम्मान, नेतृत्व और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंत्री सोनोवाल ने इसे 'नारी शक्ति' को समुद्री विकास से जोड़ने का प्रमुख माध्यम बताया।
भारत आईओआरए की अध्यक्षता कब तक करेगा?
भारत वर्ष 2025 से 2027 तक हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) की अध्यक्षता कर रहा है। इसी अध्यक्षता के तहत 10वाँ हिंद महासागर संवाद नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
10वें हिंद महासागर संवाद में किन विषयों पर चर्चा हुई?
इस संवाद में समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनमी, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस वर्ष संवाद का केंद्रीय विषय 'बदलती दुनिया में हिंद महासागर क्षेत्र' रखा गया था।
भारत की समुद्री नीति में क्या बदलाव आ रहे हैं?
मंत्री सोनोवाल के अनुसार, भारत की समुद्री नीति अब केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक सशक्तिकरण और मानव-केंद्रित विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के 'सागर' और 'महासागर' दृष्टिकोण के तहत क्षेत्रीय सहयोग को भी मजबूत किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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