कोलकाता मिड-डे मील विवाद: इस्कॉन ने वायरल मेन्यू को बताया फर्जी, कहा — कोई मेन्यू फाइनल नहीं
सारांश
मुख्य बातें
इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने 24 जून 2026 को स्पष्ट किया कि कोलकाता के सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मेन्यू चार्ट पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। संस्था के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता राधारामन दास ने सार्वजनिक बयान जारी कर लोगों को इस तरह की अपुष्ट पोस्टों से सावधान रहने की अपील की।
विवाद की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 22 जून 2026 को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए घोषणा की थी कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) क्षेत्र के राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों में पका हुआ मिड-डे मील उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपी जाएगी। इस घोषणा के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक कथित 'डेली मेन्यू चार्ट' तेज़ी से वायरल होने लगा।
इस्कॉन का खंडन
राधारामन दास ने वायरल पोस्टों के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा, 'मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ लोग कोलकाता के मिड-डे मील के लिए एक प्रस्तावित मेन्यू साझा कर रहे हैं। लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऐसा कोई मेन्यू फाइनल नहीं किया गया है और यह सूची हमारी तरफ से जारी नहीं हुई है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब भी मेन्यू को अंतिम रूप दिया जाएगा, इस्कॉन उसकी आधिकारिक घोषणा करेगा।
सरकार की मंशा और समझौते की शर्तें
राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केएमसी क्षेत्र के बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करना है। समझौते की शर्तों के तहत राज्य सरकार इस्कॉन को नाममात्र राशि प्रदान करेगी, जबकि शेष खर्च संस्था स्वयं वहन करेगी। यह व्यवस्था सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता सुधारने की व्यापक कोशिश का हिस्सा बताई जा रही है।
गलत सूचना का असर
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर फैली इस अफवाह ने अभिभावकों और शिक्षा जगत में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। इस्कॉन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी सूचना को आगे न फैलाएं और केवल संस्था की आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता पहले से ही चर्चा का विषय रही है।
आगे क्या होगा
इस्कॉन के अनुसार, मेन्यू को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अभी जारी है और इसकी विधिवत घोषणा उचित समय पर की जाएगी। केएमसी क्षेत्र के स्कूलों में इस योजना के लागू होने की समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।