11 अगस्त 2026
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कोलकाता मिड-डे मील विवाद: इस्कॉन ने वायरल मेन्यू को बताया फर्जी, कहा — कोई मेन्यू फाइनल नहीं

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कोलकाता मिड-डे मील विवाद: इस्कॉन ने वायरल मेन्यू को बताया फर्जी, कहा — कोई मेन्यू फाइनल नहीं

सारांश

कोलकाता के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपे जाने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर एक फर्जी मेन्यू वायरल हो गया। इस्कॉन के प्रवक्ता राधारामन दास ने इसे पूरी तरह भ्रामक करार देते हुए कहा कि अभी कोई मेन्यू फाइनल नहीं हुआ है।

मुख्य बातें

इस्कॉन ने 24 जून 2026 को स्पष्ट किया कि कोलकाता के मिड-डे मील को लेकर वायरल मेन्यू पूरी तरह फर्जी है।
प्रवक्ता राधारामन दास ने कहा — वायरल मेन्यू इस्कॉन की तरफ से जारी नहीं हुआ और न ही इसे अंतिम रूप दिया गया है।
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 22 जून 2026 को बजट में केएमसी क्षेत्र के स्कूलों में मिड-डे मील की जिम्मेदारी इस्कॉन को देने की घोषणा की थी।
समझौते के तहत राज्य सरकार इस्कॉन को नाममात्र राशि देगी, शेष खर्च संस्था स्वयं वहन करेगी।
इस्कॉन ने कहा कि मेन्यू फाइनल होने पर आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने 24 जून 2026 को स्पष्ट किया कि कोलकाता के सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मेन्यू चार्ट पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। संस्था के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता राधारामन दास ने सार्वजनिक बयान जारी कर लोगों को इस तरह की अपुष्ट पोस्टों से सावधान रहने की अपील की।

विवाद की पृष्ठभूमि

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 22 जून 2026 को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए घोषणा की थी कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) क्षेत्र के राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों में पका हुआ मिड-डे मील उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपी जाएगी। इस घोषणा के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक कथित 'डेली मेन्यू चार्ट' तेज़ी से वायरल होने लगा।

इस्कॉन का खंडन

राधारामन दास ने वायरल पोस्टों के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा, 'मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ लोग कोलकाता के मिड-डे मील के लिए एक प्रस्तावित मेन्यू साझा कर रहे हैं। लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऐसा कोई मेन्यू फाइनल नहीं किया गया है और यह सूची हमारी तरफ से जारी नहीं हुई है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब भी मेन्यू को अंतिम रूप दिया जाएगा, इस्कॉन उसकी आधिकारिक घोषणा करेगा।

सरकार की मंशा और समझौते की शर्तें

राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केएमसी क्षेत्र के बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करना है। समझौते की शर्तों के तहत राज्य सरकार इस्कॉन को नाममात्र राशि प्रदान करेगी, जबकि शेष खर्च संस्था स्वयं वहन करेगी। यह व्यवस्था सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता सुधारने की व्यापक कोशिश का हिस्सा बताई जा रही है।

गलत सूचना का असर

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर फैली इस अफवाह ने अभिभावकों और शिक्षा जगत में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। इस्कॉन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी सूचना को आगे न फैलाएं और केवल संस्था की आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता पहले से ही चर्चा का विषय रही है।

आगे क्या होगा

इस्कॉन के अनुसार, मेन्यू को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अभी जारी है और इसकी विधिवत घोषणा उचित समय पर की जाएगी। केएमसी क्षेत्र के स्कूलों में इस योजना के लागू होने की समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मेन्यू, समयसीमा और पात्र स्कूलों की सूची जैसे अहम ब्यौरे सार्वजनिक नहीं किए — और यही खालीपन गलत सूचना का जनक बना। इस्कॉन का त्वरित खंडन सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि सरकार और संस्था मिलकर पारदर्शी संचार का ढाँचा कब तैयार करेंगे, ताकि भविष्य में ऐसे विवाद न उठें।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का काम इस्कॉन को कब और कैसे मिला?
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 22 जून 2026 को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। केएमसी क्षेत्र के राज्य संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में पका हुआ मिड-डे मील उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपी जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल मिड-डे मील मेन्यू क्या सच्चा है?
नहीं। इस्कॉन के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता राधारामन दास ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वायरल मेन्यू फर्जी और भ्रामक है। उन्होंने बताया कि यह मेन्यू इस्कॉन की तरफ से जारी नहीं हुआ है और न ही इसे अभी तक अंतिम रूप दिया गया है।
इस्कॉन मिड-डे मील योजना में खर्च कौन उठाएगा?
समझौते की शर्तों के अनुसार राज्य सरकार इस्कॉन को नाममात्र राशि प्रदान करेगी, जबकि शेष खर्च इस्कॉन स्वयं वहन करेगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करना है।
इस्कॉन का आधिकारिक मेन्यू कब जारी होगा?
इस्कॉन के प्रवक्ता राधारामन दास के अनुसार मेन्यू को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अभी जारी है। जब भी मेन्यू फाइनल होगा, इस्कॉन उसकी आधिकारिक घोषणा करेगा। अभी तक कोई तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस विवाद से कौन-से स्कूल प्रभावित हैं?
यह योजना कोलकाता नगर निगम (केएमसी) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों से संबंधित है। इन स्कूलों के बच्चों को पका हुआ मिड-डे मील देने की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपी जानी है।
राष्ट्र प्रेस
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