जयराम रमेश ने मोदी सरकार की निंदा की कमी पर उठाए सवाल: क्या अमेरिका-इजरायल के हमलों की गई निंदा?
सारांश
Key Takeaways
- मोदी सरकार ने अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों की निंदा नहीं की।
- जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि यह भारत की नैतिकता को प्रभावित करता है।
- ईरान में गृहयुद्ध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- अमेरिका-इजरायल के हमलों का परिणाम गंभीर आर्थिक संकट हो सकता है।
- ईरान द्वारा कतर के एनर्जी इंफ्रास्टक्चर पर हमला हुआ।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता जयराम रमेश ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के संदर्भ में कहा कि हवाई हमले शुरू होने के बाद से 21 दिन बीत चुके हैं। प्रधानमंत्री की इजरायल यात्रा से लौटने को भी 23 दिन हो चुके हैं, जिसका जमकर प्रचार किया गया था।
उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए इस बड़े हमले की निंदा की है, जिससे भारत में भी गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हुआ है। इसका सीधा उत्तर है कि नहीं। क्या मोदी सरकार ने ईरान के शीर्ष नेताओं की मौत की निंदा की? उत्तर है नहीं।
जयराम रमेश ने आगे कहा कि क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजरायल के द्वारा सत्ता परिवर्तन के लिए किए जा रहे क्रूर प्रयासों की निंदा की है, जिससे ईरान में गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है? उत्तर फिर से नहीं है।
क्या मोदी सरकार ने ईरान पर बमबारी और खाड़ी देशों में ऊर्जा व अन्य बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमलों को रोकने के लिए गंभीर प्रयास किए हैं? क्या प्रधानमंत्री ने अमेरिका और इजरायल के नेताओं के साथ अपनी मित्रता का उपयोग युद्धविराम के लिए किया है? उत्तर है नहीं।
जयराम रमेश ने कहा कि ये चारों नहीं भारत के सभ्यतागत मूल्यों के प्रति नैतिक कायरता और राजनीतिक विश्वासघात को दर्शाते हैं।
ज्ञात हो कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खेमेनेई की मृत्यु हो गई थी। इसके पश्चात ईरान ने इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं। हाल ही में ईरान ने कतर के एनर्जी इंफ्रास्टक्चर पर भी हमला किया, जिससे कतर को बड़ा नुकसान हुआ है।