जामिया में 18 दिन की भूख हड़ताल समाप्त, छात्र संघ संविधान के लिए 15 मई 2027 की समय-सीमा तय
सारांश
मुख्य बातें
जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय प्रशासन और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के बीच 29 अक्टूबर 2026 को सहमति बन गई, जिसके बाद 18 दिनों से अनशन कर रहे छात्रों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी। प्रशासन ने छात्र संघ के संविधान को तैयार करने, मंजूरी देने और लागू करने की पूरी प्रक्रिया के लिए 15 मई 2027 की समय-सीमा निर्धारित की है। इस घोषणा के बाद नई दिल्ली स्थित विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने जश्न मनाया।
भूख हड़ताल की पृष्ठभूमि
छात्र एबिन बेसिल और रेहान गनी छात्र संघ की बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। अनशन के 18वें दिन प्रशासन की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी होने के बाद मांगों पर सहमति बनी। गौरतलब है कि जामिया मिलिया इस्लामिया में लंबे समय से छात्र संघ सक्रिय नहीं रहा है, और छात्र समुदाय चुनी हुई प्रतिनिधि संस्था की बहाली की माँग करता रहा है।
मध्यस्थता की भूमिका
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के राज्यसभा सांसद हारिस बीरन ने इस पूरे विवाद में मध्यस्थ की अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहले कुलपति से बैठक की, फिर छात्र प्रतिनिधिमंडल से बात की और पुनः कुलपति कार्यालय पहुँचे, जहाँ सहमति की आधिकारिक घोषणा की गई। रजिस्ट्रार और हारिस बीरन ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को नारियल पानी पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
प्रशासन ने क्या स्वीकार किया
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार महताब आलम ने बताया कि छात्रों की तीन प्रमुख लिखित मांगें थीं। पहली मांग 15 मई 2027 तक छात्र संघ का ड्राफ्ट संविधान तैयार करने की थी। दूसरी मांग थी कि संविधान बनने के बाद लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार छात्र संघ चुनाव कराए जाएं। प्रशासन ने ड्राफ्ट संविधान की समय-सीमा पर सहमति दे दी है।
रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि संविधान तैयार करने वाली समिति में केवल प्रोफेसर और कानूनी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि प्रत्येक फैकल्टी से छात्र प्रतिनिधि भी शामिल किए जाएंगे। यह व्यवस्था संविधान-निर्माण प्रक्रिया में छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
ऑफलाइन कक्षाओं की वापसी
छात्र संघ विवाद के दौरान विश्वविद्यालय में ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही थीं। अब प्रशासन ने दीपावली की छुट्टियों के बाद ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करने की योजना साझा की है। रजिस्ट्रार महताब आलम ने बताया कि 8 नवंबर 2026 तक छुट्टियाँ हैं और घर गए छात्रों से निर्धारित तारीख तक लौटने का अनुरोध किया गया है। छात्रों के वापस आने के तुरंत बाद ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
छात्रों की प्रतिक्रिया
छात्रों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया और रजिस्ट्रार, विश्वविद्यालय कर्मचारियों तथा प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। परिसर में जश्न का माहौल रहा। यह घटनाक्रम देश के अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्र-प्रशासन संवाद के लिए एक नज़ीर बन सकता है, जहाँ छात्र संघ के अधिकारों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है।