क्या ज्वेलरी शॉप में हिजाब पहनकर एंट्री पर रोक से व्यापारियों को नुकसान होगा?
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पटना, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में सराफा व्यापारियों ने सुरक्षा कारणों से ज्वेलरी शॉप में हिजाब, मास्क और हेलमेट पहनकर आने पर रोक लगाई है, जिसके चलते राज्य में सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि ज्वेलर्स एसोसिएशन का यह निर्णय व्यापारियों के लिए हानिकारक सिद्ध होगा।
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर देश में सद्भावना को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि कोई महिला बुर्का या नकाब पहनकर आना चाहती है, तो यह कदम केवल व्यापारियों को नुकसान पहुंचाएगा। कुछ लोग जानबूझकर हिजाब के खिलाफ नकारात्मक माहौल बना रहे हैं।
हाल ही में, बिहार में सराफा कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण और सख्त निर्णय लिया है। बढ़ती आपराधिक घटनाओं और लगातार लूटपाट को देखते हुए ज्वेलर्स एसोसिएशन ने यह कदम उठाया है। अब राज्य की सराफा दुकानों में हिजाब, बुर्का, नकाब या घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसी तरह हेलमेट या मुरेठा पहनकर आने वाले पुरुषों की भी दुकानों में एंट्री पर रोक लगाई गई है।
मधुबनी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए शकील अहमद खान ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। टिकट बंटवारा पहले ही हो चुका है, नतीजे भी आ चुके हैं। रिव्यू मीटिंग भी हो चुकी हैं, लेकिन पार्टी में कई लोग बेचैन हैं। यदि एक या दो लोगों ने ऐसा किया है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी के अंदर गलत काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। पार्टी के कार्यकर्ताओं का काम बिहार में एक मजबूत पार्टी स्थापित करना है, लेकिन इसका उल्टा हो रहा है।
मधुबनी में कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष राजेश राम और पूर्व सीएलपी नेता शकील अहमद खान एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान अफरातफरी मच गई, जब पार्टी कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। इसके बाद धक्कामुक्की और फिर लात-घूंसे चले।