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परीक्षा पेपर लीक: कर्नाटक कांग्रेस का BJP पर आरोप, सुप्रीम कोर्ट जज से जांच की मांग

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परीक्षा पेपर लीक: कर्नाटक कांग्रेस का BJP पर आरोप, सुप्रीम कोर्ट जज से जांच की मांग

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने BJP पर 2014 से 2026 के बीच 152 परीक्षा लीक को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में राष्ट्रीय जाँच की माँग की — यह मुद्दा अब कांग्रेस का प्रमुख राजनीतिक हथियार बनता दिख रहा है।

मुख्य बातें

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 19 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में BJP पर परीक्षा पेपर लीक नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
कांग्रेस के दावे के अनुसार 2014 से 2026 के बीच देशभर में 152 परीक्षा परिणाम लीक हुए हैं, अधिकांश BJP-शासित राज्यों में।
हरिप्रसाद ने सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र राष्ट्रीय जाँच की माँग की।
महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में BJP नेताओं के परिवारों से जुड़े लोगों के पास लीक पेपर मिलने का आरोप — बिना दस्तावेज़ी साक्ष्य के।
कर्नाटक PSI भर्ती घोटाले में हरिप्रसाद के खिलाफ दर्ज मामलों को अदालतों ने हाल ही में रद्द किया।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 19 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देशव्यापी परीक्षा पेपर लीक नेटवर्क को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने माँग की कि सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र राष्ट्रीय जाँच कराई जाए, ताकि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ का जवाबदेह निर्धारण हो सके।

मुख्य आरोप और दावे

हरिप्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हाल ही में राजस्थान के कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का हवाला देते हुए दावा किया कि 2014 से 2026 के बीच पूरे भारत में 152 परीक्षा परिणाम लीक हुए हैं। उनके अनुसार इनमें से अधिकांश घटनाएँ BJP-शासित राज्यों में हुई हैं। हालाँकि, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र दस्तावेज़ी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में पुलिस ने BJP नेताओं के परिवारों से जुड़े व्यक्तियों के पास से लीक हुए प्रश्न पत्र बरामद किए हैं। यह दावा भी उन्होंने बिना विशिष्ट दस्तावेज़ी प्रमाण के किया।

छात्रों पर असर और शिक्षा की विश्वसनीयता

हरिप्रसाद ने कहा कि प्रश्न पत्र लीक होना केवल परीक्षाओं का मसला नहीं, बल्कि यह भारत की पूरी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है। उनके शब्दों में, 'छात्र और उनके परिवार वर्षों का परिश्रम, त्याग और वित्तीय संसाधन लगाते हैं — जब प्रश्न पत्र लीक होते हैं, तो उनकी आकांक्षाएँ चकनाचूर हो जाती हैं।' उन्होंने IIT, IIM, IISc और AIIMS जैसे संस्थानों को भारत के शैक्षणिक निवेश का प्रतीक बताते हुए कहा कि इन संस्थाओं की साख बचाना सरकार की ज़िम्मेदारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र संगठन सड़कों पर उतर चुके हैं और सर्वोच्च न्यायालय स्वयं इस मामले की सुनवाई कर रहा है।

कर्नाटक PSI घोटाले का संदर्भ

हरिप्रसाद ने कर्नाटक पुलिस उप-निरीक्षक (PSI) भर्ती परीक्षा घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि जब उन्होंने उस समय की अनियमितताओं का विरोध किया था, तब उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने बताया कि अदालतों ने हाल ही में वे मामले रद्द कर दिए हैं, जिसे उन्होंने अपने रुख की न्यायिक स्वीकृति बताया।

जाँच की माँग और राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा पारदर्शिता को एक प्रमुख चुनावी मुद्दे के रूप में उठा रही है। हरिप्रसाद की माँग है कि जाँच का दायरा केवल एक परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि पिछले एक दशक में हुई सभी लीक घटनाओं की व्यापक समीक्षा हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है और बार-बार पेपर लीक होना इस अधिकार का उल्लंघन है।

BJP की ओर से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और विधानसभाओं में और तीखा रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई स्वतंत्र दस्तावेज़ी साक्ष्य न होना उनकी विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है — '152 लीक' का आँकड़ा राहुल गांधी के भाषण से उद्धृत है, किसी स्वतंत्र ऑडिट से नहीं। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में ठोस डेटा के साथ उठाएगी या यह केवल प्रेस-कॉन्फ्रेंस राजनीति तक सीमित रहेगा। NEET विवाद ने परीक्षा तंत्र की खामियों को राष्ट्रीय विमर्श में ला दिया है — यदि कांग्रेस इसे जवाबदेही की माँग से जोड़ती है तो यह एक सशक्त मुद्दा बन सकता है, वरना आरोप-प्रत्यारोप की लंबी सूची में एक और पन्ना बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीके हरिप्रसाद ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देशव्यापी परीक्षा पेपर लीक नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि 2014 से 2026 के बीच 152 परीक्षा परिणाम लीक हुए, जिनमें से अधिकांश BJP-शासित राज्यों में हुए।
कांग्रेस ने जाँच के लिए क्या माँग की है?
कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र राष्ट्रीय जाँच की माँग की है। हरिप्रसाद का कहना है कि यह जाँच पिछले एक दशक की सभी परीक्षा लीक घटनाओं को कवर करे।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या था?
यह राहुल गांधी द्वारा राजस्थान के कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम था, जिसमें छात्र आत्महत्याओं और छात्रों का मनोबल बढ़ाने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया। कोटा भारत के प्रमुख शैक्षिक केंद्रों में से एक है। हरिप्रसाद ने इस कार्यक्रम में दिए गए राहुल गांधी के बयान का हवाला देकर 152 लीक का आँकड़ा प्रस्तुत किया।
कर्नाटक PSI भर्ती घोटाले का इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से क्या संबंध है?
हरिप्रसाद ने बताया कि जब उन्होंने कर्नाटक PSI भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं का विरोध किया था, तब उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा कि अदालतों ने हाल ही में वे मामले रद्द कर दिए हैं, जिसे उन्होंने अपने रुख की न्यायिक स्वीकृति के रूप में पेश किया।
क्या हरिप्रसाद ने अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश किए?
नहीं। हरिप्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में BJP नेताओं के परिवारों से जुड़े व्यक्तियों के पास लीक पेपर मिलने के आरोप तो लगाए, लेकिन कोई विशिष्ट दस्तावेज़ी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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