विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन बिल पर केंद्र सरकार को घेरा, महिलाओं को गुमराह करने का आरोप

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विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन बिल पर केंद्र सरकार को घेरा, महिलाओं को गुमराह करने का आरोप

सारांश

महिला आरक्षण संशोधन बिल के पारित न होने पर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि केंद्र सरकार महिलाओं को गुमराह कर रही है। जानें इस मुद्दे पर क्या कह रहे हैं विपक्षी सांसद।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण संशोधन बिल का पारित न होना सरकार पर गुमराह करने के आरोप विपक्ष का एकजुटता से विरोध राजनीतिक परिसीमन का मुद्दा महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण संशोधन बिल को लोकसभा में पारित नहीं किए जाने पर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्षी सांसदों का कहना है कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं को गुमराह कर रही है।

कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "वास्तव में महिला आरक्षण बिल को सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से लोकसभा और राज्यसभा में पास किया गया था, किन्तु सरकार ने इसे 16 अप्रैल 2026 तक औपचारिक रूप से नोटिफाई नहीं किया। यदि वे वास्तव में महिला आरक्षण के प्रति संवेदनशील थे, तो इसे नोटिफाई करने में लगभग 30 महीने क्यों लगे? यह पहला सवाल है।"

उन्होंने यह भी बताया कि संसद में पेश किया गया बिल केवल महिला आरक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि यह परिसीमन से भी जुड़ा था। इस पर चिंता जताई गई कि महिला आरक्षण के बहाने देश की राजनीतिक और भौगोलिक संरचना में बदलाव की कोशिश की जा रही है। यही कारण है कि विपक्षी सांसदों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "भाजपा ने महिलाओं को गुमराह करने का काम किया है। महिला आरक्षण के बहाने राजनीतिक परिसीमन ही उनका असली लक्ष्य है। जब तक महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलेगा, हम प्रदर्शन करते रहेंगे। जनता इस गुमराह करने की रणनीति को समझने लगी है और जल्द ही इसका उत्तर देने वाली है।"

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "भाजपा के पास जनता को गुमराह करने के अलावा कोई ठोस तर्क नहीं है। सरकार जानबूझकर ऐसी स्थितियां बना रही है ताकि महिलाओं को परेशानी हो और विपक्ष पर आरोप लगाए जा सकें।"

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि महिलाओं के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को लेकर यह एक संवेदनशील विषय है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और स्पष्टता लानी चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण संशोधन बिल क्या है?
महिला आरक्षण संशोधन बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान करना है।
इस बिल का पारित न होना क्यों महत्वपूर्ण है?
बिल का पारित न होना महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकता है, जो एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
विपक्षी सांसदों का क्या कहना है?
विपक्षी सांसदों का कहना है कि सरकार महिलाओं को गुमराह कर रही है और इसका राजनीतिक लाभ उठा रही है।
क्या सरकार ने इस बिल को नोटिफाई करने में देरी की है?
हां, सरकार ने इस बिल को 16 अप्रैल 2026 तक नोटिफाई नहीं किया, जिसके कारण विपक्ष ने आलोचना की है।
महिला आरक्षण का क्या महत्व है?
महिला आरक्षण का महत्व महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने में है।
राष्ट्र प्रेस
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