15 अगस्त 2026
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RSS सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल बोले: नफरत की विचारधारा भारत की प्रकृति के विरुद्ध, लंबे समय तक नहीं टिकती

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RSS सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल बोले: नफरत की विचारधारा भारत की प्रकृति के विरुद्ध, लंबे समय तक नहीं टिकती

सारांश

RSS सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने 15 अगस्त को दिल्ली के केशवकुंज में ध्वजारोहण कर साफ कहा — नफरत की विचारधारा न भारत की प्रकृति के अनुकूल है, न टिकाऊ। PM मोदी के लाल किला संबोधन का समर्थन करते हुए उन्होंने भाईचारे और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को विश्व के झगड़ों का एकमात्र समाधान बताया।

मुख्य बातें

RSS सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के केशवकुंज में ध्वजारोहण किया।
उन्होंने कहा कि नफरत पर आधारित कोई भी विचारधारा लंबे समय तक नहीं टिक सकती और यह भारत की मूल प्रकृति के विरुद्ध है।
PM मोदी के लाल किला संबोधन की टिप्पणी का उन्होंने समर्थन किया और उसे 'उचित और सही' बताया।
CISF के दल ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी; कार्यक्रम श्री केशव स्मारक समिति के तत्वावधान में आयोजित हुआ।
उन्होंने भाईचारे और वसुधैव कुटुम्बकम् को वैश्विक संघर्षों के समाधान का एकमात्र मार्ग बताया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के केशवकुंज स्थित श्री केशव स्मारक समिति के वार्षिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी और भारत की विविधता में एकता को विश्व के लिए आदर्श बताया।

समारोह का आयोजन

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई, उसके बाद ध्वजारोहण किया गया और राष्ट्रगान गाया गया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के दल ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी। समारोह में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

बलिदानियों का स्मरण

कृष्ण गोपाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन उन महान पुरुषों और महिलाओं के स्मरण का है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए प्राणों की आहुति दी या जीवनभर कारागार में रहे। उन्होंने सिंध के राजा दाहिर, दिल्ली के राजा अनंगपाल, पृथ्वीराज चौहान, राणा सांगा, शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, छत्रशाल महाराज तथा दक्षिण भारत की चिन्नमा और विजयनगर साम्राज्य के योद्धाओं का नाम लेकर उन्हें नमन किया।

अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और चंद्र शेखर आजाद समेत देश के हर प्रांत की माताओं-बहनों को भी उन्होंने याद किया।

भारत का वैश्विक संदेश

मीडिया से बातचीत में कृष्ण गोपाल ने कहा, 'भारत एक ऐसे देश के तौर पर उभरे जो दुनियाभर में चल रहे अलग-अलग झगड़ों को खत्म करने का संदेश दे सके। भारत एक ऐसा देश और समाज है जो अपनी भारी विविधता के बावजूद सबको साथ लेकर आगे बढ़ना जानता है।' उन्होंने जोड़ा कि आज दुनिया असहिष्णुता और शोषण से उपजे झगड़ों से जूझ रही है, और भारत का संदेश है कि भाईचारे की भावना से मिल-जुलकर रहा जाए — 'पूरी दुनिया एक परिवार की तरह आगे बढ़े, यही सभी झगड़ों को सुलझाने का एकमात्र तरीका है।'

PM मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया

लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में नफरत की विचारधारा पर की गई टिप्पणी का समर्थन करते हुए कृष्ण गोपाल ने कहा, 'यह सही है। नफरत पर आधारित कोई भी विचारधारा लंबे समय तक नहीं टिक सकती और यह भारत की मूल प्रकृति के खिलाफ है। उनका संदेश उचित और सही है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव पर देशव्यापी बहस जारी है।

स्वतंत्रता के बाद की प्रगति

कृष्ण गोपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश ने तेज़ गति से प्रगति की है और अब भारत एक महान राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि सारा देश एकजुट होकर आगे बढ़े और विश्व के सामने एक सुंदर आदर्श प्रस्तुत करे। RSS के इस वरिष्ठ पदाधिकारी का यह संदेश संगठन की उस दीर्घकालिक सोच को रेखांकित करता है जो 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सिद्धांत पर आधारित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस बयान की व्याख्या को खुला छोड़ते हैं। आलोचक पूछ सकते हैं कि क्या यह सद्भाव का आह्वान नीतिगत कदमों में भी परिलक्षित होता है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RSS सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने 15 अगस्त को क्या कहा?
कृष्ण गोपाल ने कहा कि नफरत पर आधारित कोई भी विचारधारा लंबे समय तक नहीं टिक सकती और यह भारत की मूल प्रकृति के खिलाफ है। उन्होंने भाईचारे और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को वैश्विक झगड़ों का एकमात्र समाधान बताया।
केशवकुंज स्वतंत्रता दिवस समारोह में क्या हुआ?
नई दिल्ली के केशवकुंज में श्री केशव स्मारक समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में कृष्ण गोपाल ने ध्वजारोहण किया। CISF के दल ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी और राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान गाया गया।
कृष्ण गोपाल ने PM मोदी के भाषण पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने लाल किले से PM मोदी के संबोधन में नफरत की विचारधारा पर की गई टिप्पणी का समर्थन किया और कहा कि 'उनका संदेश उचित और सही है।'
कृष्ण गोपाल ने किन स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया?
उन्होंने भगत सिंह, चंद्र शेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, लोकमान्य तिलक, लाला लाजपत राय के साथ-साथ शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और विजयनगर साम्राज्य के योद्धाओं को भी श्रद्धांजलि दी।
RSS का वैश्विक संघर्षों पर क्या संदेश है?
कृष्ण गोपाल के अनुसार RSS का संदेश है कि सभी देश और समाज भाईचारे की भावना से मिल-जुलकर रहें और पूरी दुनिया एक परिवार की तरह आगे बढ़े। उन्होंने इसे असहिष्णुता और शोषण से उपजे वैश्विक झगड़ों का एकमात्र समाधान बताया।
राष्ट्र प्रेस
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