2 नवंबर 2026
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एनसीपी में अंदरूनी हलचल: वरिष्ठ नेताओं ने अमित शाह से मुलाकात की, सुनेत्रा पवार ने मंगलवार को बुलाई आपात विधायक बैठक

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एनसीपी में अंदरूनी हलचल: वरिष्ठ नेताओं ने अमित शाह से मुलाकात की, सुनेत्रा पवार ने मंगलवार को बुलाई आपात विधायक बैठक

सारांश

एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की रविवार रात दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात और उसके तुरंत बाद सुनेत्रा पवार द्वारा बुलाई गई आपात विधायक बैठक ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। पार्टी एकता का दावा करती है, लेकिन चार महीने में पहली बार इस स्तर की बैठक खुद संकेत देती है कि सब कुछ सामान्य नहीं है।

मुख्य बातें

एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने रविवार देर रात नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, नेताओं ने पार्टी निर्णयों में दरकिनार किए जाने और सुनेत्रा पवार व पार्थ पवार के बढ़ते प्रभाव पर चिंताएँ जताईं।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंगलवार शाम 7 बजे अपने आवास 'देवगिरी' में सभी विधायकों की आपातकालीन बैठक बुलाई है।
यह पिछले चार महीनों में पार्टी विधायकों की पहली व्यापक बैठक है।
राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने आंतरिक मतभेद की खबरों को 'मनगढ़ंत और गुमराह करने वाला' बताते हुए खारिज किया।
पार्टी ने कहा कि बैठक अजीत पवार के निधन के बाद के मुद्दों और महाराष्ट्र के हितों पर पूर्व-नियोजित चर्चा थी।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सुनेत्रा पवार गुट में 2 नवंबर 2026 को गहन राजनीतिक उठापटक सामने आई, जब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने रविवार देर रात नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके ठीक बाद उपमुख्यमंत्री एवं एनसीपी राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने मंगलवार शाम 7 बजे अपने आधिकारिक आवास 'देवगिरी' में पार्टी के सभी विधायकों की आपातकालीन बैठक बुलाई है।

मुख्य घटनाक्रम

सूत्रों के अनुसार, एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने अमित शाह से मिलकर यह शिकायत की कि पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण निर्णयों में उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। कथित तौर पर इन नेताओं ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार के बढ़ते आंतरिक प्रभाव को लेकर भी अपनी चिंताएँ रखीं।

गौरतलब है कि पिछले चार महीनों में यह पहला मौका है जब पार्टी के सभी विधायकों की इस स्तर की व्यापक बैठक बुलाई गई है। राजनीतिक हलकों में इसे महायुति गठबंधन के भीतर पनप रहे तनाव का संकेत माना जा रहा है।

पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया

एनसीपी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने सोमवार को उन खबरों को सिरे से खारिज किया, जिनमें इस बैठक को पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेद के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा था। उन्होंने इसे 'मनगढ़ंत नैरेटिव' और 'शरारती कोशिश' करार दिया।

पाटिल ने स्पष्ट किया कि सुनेत्रा पवार ने स्वयं पहले पार्थ पवार के साथ गृह मंत्री शाह से मुलाकात की थी और उस दौरान उन्होंने खुद शाह को सूचित किया था कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने आएगा। उनके अनुसार, सोमवार की बैठक पूर्व-नियोजित और औपचारिक थी।

पाटिल ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में अजीत पवार के कार्यकाल से जुड़े मुद्दों, महाराष्ट्र के हितों और पार्टी से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही, गठबंधन सहयोगियों के बीच निर्वाचन क्षेत्र स्तर के मुद्दे भी उठाए गए।

महायुति गठबंधन पर असर

पार्टी प्रवक्ताओं के अनुसार, इस बैठक में 'महायुति' गठबंधन के भीतर तालमेल, एकता और भविष्य की रणनीति को लेकर आंतरिक विचार-विमर्श हुआ। पाटिल ने दोहराया कि एनसीपी महायुति का एक महत्वपूर्ण और पूर्णतः एकजुट घटक है।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में अजीत पवार के निधन के बाद नेतृत्व के पुनर्गठन को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत तेज हो गई है। एनसीपी के भीतर शक्ति-संतुलन की यह प्रक्रिया सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिरता के लिए एक अहम परीक्षा बन सकती है।

मंगलवार की बैठक में क्या होगा

सूत्रों का मानना है कि मंगलवार शाम 7 बजे 'देवगिरी' में होने वाली विधायक बैठक में संगठन से जुड़े कुछ बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। हालाँकि, पार्टी ने एजेंडे का आधिकारिक खुलासा अभी तक नहीं किया है।

पाटिल ने मीडिया से अपील की कि कोई भी खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जाँच अवश्य की जाए और 'प्रायोजित खबरों' तथा वास्तविक तथ्यों के बीच अंतर किया जाए। मंगलवार की बैठक के बाद पार्टी की आधिकारिक स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतनी ही तेज़ी से घटनाक्रम उसे कमज़ोर कर रहे हैं — चार महीनों में पहली बार बुलाई गई आपात विधायक बैठक खुद यह प्रश्न उठाती है कि अगर सब सामान्य था, तो इतनी जल्दबाज़ी क्यों? अजीत पवार के निधन के बाद एनसीपी में नेतृत्व का शून्य वास्तविक है, और सुनेत्रा पवार बनाम पुराने गार्ड की यह खींचतान महायुति गठबंधन की स्थिरता के लिए एक संरचनात्मक जोखिम बन सकती है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज 'अंदरूनी मामला' बता रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि भाजपा नेतृत्व इस असंतोष को किस हद तक प्रबंधित करने में सफल होगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने अमित शाह से मुलाकात क्यों की?
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण निर्णयों में दरकिनार किए जाने की शिकायत की। उन्होंने सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के बढ़ते आंतरिक प्रभाव पर भी चिंताएँ जताईं। हालाँकि, पार्टी प्रवक्ता ने इसे पूर्व-नियोजित औपचारिक बैठक बताया।
सुनेत्रा पवार ने मंगलवार की बैठक क्यों बुलाई?
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंगलवार शाम 7 बजे 'देवगिरी' में एनसीपी के सभी विधायकों की आपातकालीन बैठक बुलाई है। यह पिछले चार महीनों में पहली बार है जब इस स्तर की व्यापक बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार, इसमें संगठन से जुड़े बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
क्या एनसीपी में वाकई आंतरिक मतभेद हैं?
पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने आंतरिक कलह की खबरों को 'मनगढ़ंत, तथ्यों के विपरीत और गुमराह करने वाला' बताते हुए खारिज किया है। उन्होंने कहा कि एनसीपी पूरी तरह एकजुट है और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में मिलकर काम कर रही है। हालाँकि, राजनीतिक हलकों में इस पर अटकलें जारी हैं।
अजीत पवार के निधन का एनसीपी की मौजूदा स्थिति पर क्या असर है?
अजीत पवार के निधन के बाद एनसीपी में नेतृत्व पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार, दिल्ली की बैठक में इसी दौरान आए मुद्दों और महाराष्ट्र के हितों पर चर्चा हुई। इस संक्रमण काल में पार्टी के भीतर शक्ति-संतुलन को लेकर तनाव स्वाभाविक माना जा रहा है।
महायुति गठबंधन पर इन घटनाक्रमों का क्या असर पड़ सकता है?
पार्टी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि एनसीपी महायुति गठबंधन का एक महत्वपूर्ण और एकजुट घटक बना हुआ है। फिर भी, राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र मंगलवार की बैठक पर टिकी है, क्योंकि उसके नतीजे गठबंधन की आंतरिक स्थिरता का संकेत देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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