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नोएडा में क्रिप्टो ठगी: दो गिरफ्तार, ₹11.49 लाख नकद बरामद; दो फरार आरोपियों की तलाश जारी

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नोएडा में क्रिप्टो ठगी: दो गिरफ्तार, ₹11.49 लाख नकद बरामद; दो फरार आरोपियों की तलाश जारी

सारांश

नोएडा पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। ₹11.49 लाख नकद समेत कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं और पुलिस की पड़ताल जारी है।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-20 पुलिस ने 19 जून 2025 को क्रिप्टो ठगी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी उमेर खान (22) , सेक्टर-50 नोएडा, और अनुराग पारासरी (22) , मूल निवासी बरेली, हैं।
आरोपियों के पास से ₹11,49,500 नकद , पंजाब नेशनल बैंक की चेकबुक, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड बरामद।
बरामद नकदी चोरी और धोखाधड़ी से जुड़ी बताई जा रही है; थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज।
गिरोह के दो अन्य फरार सदस्यों की पहचान हो चुकी है, गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी।

नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने 19 जून 2025 को क्रिप्टो करेंसी में निवेश और डिजिटल करेंसी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹11,49,500 रुपए नकद, एक चेकबुक, एक डेबिट कार्ड और एक आधार कार्ड बरामद किया है। मामले में दो अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, लोकल इंटेलिजेंस की सहायता से कैम्ब्रिज स्कूल, सेक्टर-27 के पास सर्विस रोड पर दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान उमेर खान (22) और अनुराग पारासरी (22) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके बैग से ₹11,49,500 नकद, पंजाब नेशनल बैंक की एक चेकबुक, एक डेबिट कार्ड और एक आधार कार्ड मिला।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी उमेर खान सेक्टर-50, नोएडा का निवासी है और BBA तक शिक्षित है। दूसरा आरोपी अनुराग पारासरी मूल रूप से बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र का है और वर्तमान में सेक्टर-128, नोएडा में रह रहा था; उसने BCom तक पढ़ाई की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपी लोगों को क्रिप्टो करेंसी में अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फँसाते थे और फिर विभिन्न तरीकों से उन्हें आर्थिक नुकसान पहुँचाते थे।

जाँच की स्थिति

थाना सेक्टर-20 में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में यह स्पष्ट हुआ है कि बरामद नकदी चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े मामले से संबंधित है। गिरोह के नेटवर्क की गहन पड़ताल की जा रही है ताकि पीड़ितों की कुल संख्या और ठगी की समग्र राशि का पता लगाया जा सके।

आम जनता के लिए सतर्कता

पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि साइबर और क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के माध्यम से निवेश करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जाँच अवश्य करें। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में क्रिप्टो-आधारित साइबर धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने बताया कि गिरोह के दो फरार सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी शीघ्र अपेक्षित है। बरामद दस्तावेजों और नकदी के आधार पर पुलिस गिरोह के संभावित अन्य अपराधों और उसके व्यापक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ युवा, शिक्षित व्यक्ति क्रिप्टो के नाम पर संगठित ठगी में लिप्त हो रहे हैं। BBA और BCom जैसी औपचारिक शिक्षा के बावजूद इन आरोपियों का इस राह पर चलना यह सवाल खड़ा करता है कि वित्तीय साक्षरता और नैतिक रोजगार के अवसरों की कमी कहाँ है। पुलिस की प्राथमिकता अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और पीड़ितों की वास्तविक संख्या उजागर करने पर होनी चाहिए — केवल दो गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में क्रिप्टो ठगी के मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
नोएडा थाना सेक्टर-20 पुलिस ने उमेर खान (22) और अनुराग पारासरी (22) को गिरफ्तार किया है। दोनों पर क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के बैग से ₹11,49,500 नकद, पंजाब नेशनल बैंक की एक चेकबुक, एक डेबिट कार्ड और एक आधार कार्ड बरामद किए। पुलिस के अनुसार यह नकदी चोरी और धोखाधड़ी से जुड़ी है।
इन आरोपियों का ठगी का तरीका क्या था?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी लोगों को क्रिप्टो करेंसी में अधिक मुनाफे का लालच देकर संपर्क में लाते थे और फिर विभिन्न तरीकों से उन्हें आर्थिक नुकसान पहुँचाते थे। जाँच में गिरोह के नेटवर्क और कुल ठगी की राशि का पता लगाया जा रहा है।
क्या इस मामले में और आरोपी हैं?
हाँ, पुलिस के अनुसार गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?
पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के माध्यम से क्रिप्टो या डिजिटल करेंसी में निवेश करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जाँच अवश्य करें। अत्यधिक मुनाफे का वादा करने वाली योजनाओं से विशेष सतर्कता बरतें।
राष्ट्र प्रेस
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