22 सितंबर 2026
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ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज: 'चुनाव से पहले ही सपा में बंट रहे मंत्री पद और बालू खनन के सपने'

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ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज: 'चुनाव से पहले ही सपा में बंट रहे मंत्री पद और बालू खनन के सपने'

सारांश

चुनाव 2027 में है, लेकिन सपा में 'कौन बनेगा मंत्री' की बहस अभी से छिड़ गई है। ओपी राजभर ने इंद्रजीत सरोज के बयान को हथियार बनाकर अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा — और 'चच्चू' वाले सवाल से यूपी की सियासत में नई हलचल मचा दी।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 22 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर तंज कसा।
सपा महासचिव इंद्रजीत सरोज ने दावा किया था कि 2027 में सपा सरकार बनने पर उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।
राजभर ने पूछा — चुनाव से पहले ही मंत्री पद, बालू खनन और जेसीबी-डंपर की तैयारी क्यों?
' चच्चू ' को PWD या सिंचाई देंगे — व्यंग्य के साथ अखिलेश से सपने में बँटे विभाग बताने की माँग।
राजभर वर्तमान में योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री और NDA गठबंधन के हिस्सेदार हैं।

लखनऊ में 22 सितंबर 2026 को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा निशाना साधा। उनका यह हमला सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के उस बयान के बाद आया, जिसमें सरोज ने दावा किया था कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।

राजभर का एक्स पर पोस्ट और सरोज पर निशाना

राजभर ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय बाकी है और जनता का फैसला अभी आया नहीं, बावजूद इसके सपा में मंत्री पद और सरकारी विभाग बाँटने के सपने देखे जाने लगे हैं। उन्होंने सरोज के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें सरोज ने कहा था कि 'जब मैं पार्टी के बुरे दिनों में साथी रहा हूँ, तो बड़ा मंत्री भी मैं ही बनूँगा।'

राजभर ने इसी पोस्ट में सरोज की जेसीबी, डंपर और बालू खनन को लेकर की गई टिप्पणी का भी उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव से सीधा सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या चुनाव होने से पहले ही सपा में यह तय हो गया है कि कार्यकर्ताओं को जेसीबी-डंपर लगाकर बालू-मिट्टी खोदने की छूट कैसे मिलेगी?

'जनता की अदालत का फैसला पहले आने दीजिए'

सुभासपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि यह चुनाव की तैयारी है या सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की जनता कोई खाली कुर्सी नहीं है जिस पर किसी ने चाहा और बैठ गया — पहले जनता की अदालत का फैसला आना चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी-अपनी रणनीतियाँ बना रहे हैं और सपा खुद को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विकल्प के रूप में पेश करने में जुटी है।

'चच्चू' वाला तंज और PWD-सिंचाई का सवाल

राजभर ने अपनी पोस्ट के अंत में अखिलेश से तंज भरे अंदाज़ में पूछा कि 2027 के लिए और किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग 'सपने में' बाँट रखा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, 'चच्चू भी अपने विभाग का इंतज़ार कर रहे हैं — सपने में ही सही, लेकिन बता दीजिए कि PWD देंगे या सिंचाई, ताकि नींद अच्छी आए।' यह 'चच्चू' वाला संदर्भ अखिलेश यादव के चाचा और पूर्व सपा नेता शिवपाल यादव से जोड़कर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि राजभर वर्तमान में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री हैं और NDA गठबंधन का हिस्सा हैं। उनके इस बयान को सत्तापक्ष की ओर से सपा को घेरने की सुनियोजित रणनीति के तहत देखा जा रहा है।

सपा की स्थिति और विपक्ष की राजनीति

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने 111 सीटें जीती थीं, जो 2017 की तुलना में सुधार था, लेकिन BJP की बहुमत से कहीं पीछे रही। सपा तब से लगातार 2027 की तैयारी में जुटी है और उसके कई नेताओं के बयान चुनावी बयानबाजी का हिस्सा बनते रहे हैं। राजभर का यह पोस्ट दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तापमान 2027 के मद्देनज़र अभी से चढ़ने लगा है।

आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा इस तंज का जवाब कैसे देती है और क्या यह वाकपयुद्ध चुनावी समीकरणों को प्रभावित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजभर का इसे एक्स पोस्ट में तुरंत उठाना बताता है कि सत्तापक्ष विपक्ष की हर चूक को 2027 के एजेंडे में भुनाने को तैयार बैठा है। दिलचस्प यह है कि खुद राजभर की पार्टी NDA गठबंधन में है और वे योगी सरकार में मंत्री हैं — यानी वह जिस 'कुर्सी की भूख' का मज़ाक उड़ा रहे हैं, वह उनकी अपनी राजनीति से भी अछूती नहीं। मुख्यधारा की कवरेज इस विरोधाभास को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज क्यों कसा?
सपा महासचिव इंद्रजीत सरोज ने कहा था कि 2027 में सपा सरकार बनने पर उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। इसी बयान को आधार बनाकर राजभर ने अखिलेश पर निशाना साधा और कहा कि चुनाव से पहले ही सपा में मंत्री पद और बालू खनन के सपने बंटने लगे हैं।
इंद्रजीत सरोज ने क्या कहा था?
सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने बयान दिया था कि जब वह पार्टी के बुरे दिनों में भी साथ रहे हैं, तो 2027 में सरकार बनने पर वह बड़े मंत्री बनेंगे और उन्हें कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने जेसीबी, डंपर और बालू खनन को लेकर भी टिप्पणी की थी।
राजभर की 'चच्चू' वाली टिप्पणी किस पर थी?
राजभर ने अपनी एक्स पोस्ट में व्यंग्य करते हुए पूछा कि 'चच्चू' भी अपने विभाग का इंतज़ार कर रहे हैं — PWD मिलेगा या सिंचाई? यह टिप्पणी अखिलेश यादव के चाचा और पूर्व सपा नेता शिवपाल यादव से संदर्भित मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की क्या स्थिति है?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं। 2022 में BJP ने बहुमत से सरकार बनाई थी, जबकि सपा 111 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल बनी थी। दोनों दल अभी से जनाधार मजबूत करने में जुटे हैं।
ओपी राजभर कौन हैं और वे किस पार्टी में हैं?
ओम प्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री हैं। वे NDA गठबंधन के हिस्सेदार हैं।
राष्ट्र प्रेस
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