धनतेरस पर PM मोदी की अपील: सोने के साथ सेहत में भी करें निवेश, आयुर्वेद अपनाएं
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के पावन अवसर पर देशवासियों से स्वास्थ्य के प्रति सजग होने का आग्रह किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा संदेश में कहा कि आयुर्वेद में निहित निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर परिवार एक बेहतर और समृद्ध भविष्य बना सकते हैं। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब धनतेरस को परंपरागत रूप से सोना-चांदी और भौतिक संपत्ति खरीदने के उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
मुख्य संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'इस धनतेरस बेहतर स्वास्थ्य का संकल्प लें।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य संरक्षण और रोगों की रोकथाम पर भी समान बल देता है। उनके अनुसार निवारक स्वास्थ्य देखभाल व्यक्ति और परिवार दोनों के समग्र कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्वस्थ जीवनशैली की सलाह
प्रधानमंत्री के संदेश में संतुलित एवं सजग भोजन, नियमित योगाभ्यास, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने की सलाह दी गई। उन्होंने जोर दिया कि इन उपायों से दीर्घकाल में बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उनका कहना था कि अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य में निवेश करना किसी भी परिवार का सबसे मूल्यवान निवेश है।
मंत्री प्रतापराव जाधव का आह्वान
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी धनतेरस के अवसर पर परिवार के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'शुभं करोति कल्याणम्, आरोग्यं धन-संपदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ भारत' और 'विकसित भारत 2047' के विजन को आगे बढ़ाते हुए इस धनतेरस भौतिक संपत्ति के साथ-साथ अपने परिवार के स्वास्थ्य में भी निवेश करें।' उन्होंने रेखांकित किया कि स्वस्थ परिवार ही समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र की मज़बूत नींव होते हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय का संदेश
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी अपने संदेश में स्पष्ट किया कि धनतेरस केवल भौतिक संपत्ति में निवेश का अवसर नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक सुख-समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का भी उपयुक्त समय है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मोदी सरकार ने पारंपरिक त्योहारों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जोड़ा है — 'फिट इंडिया मूवमेंट' और 'योग दिवस' जैसी पहलें इसी सोच का विस्तार हैं।
आगे की दिशा
इस संदेश के माध्यम से केंद्र सरकार का स्पष्ट संकेत है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य एक केंद्रीय स्तंभ है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर ज़ोर देने से दीर्घकाल में स्वास्थ्य व्यय में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से आयुर्वेद और योग को बढ़ावा देने की और पहलें अपेक्षित हैं।