राजीव गांधी जयंती: केसी त्यागी बोले — 'ऐसे सुसंस्कृत नेता राजनीति में विरले मिलते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय राजनीति में राजीव गांधी जैसे सुसंस्कृत और सभ्य नेता बिरले ही होते हैं। त्यागी ने कहा कि उन्हें स्वयं राजीव गांधी के साथ काम करने का अवसर मिला था और उसी अनुभव के आधार पर वे यह बात कह रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने भी दी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राजीव गांधी की जयंती पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने लिखा कि भारत की विकास यात्रा में राजीव गांधी का अहम योगदान रहा है। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
राष्ट्रगीत विवाद पर त्यागी का रुख
केसी त्यागी ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर कहा कि ऐसे राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) इस मुद्दे को जानबूझकर उलझाए रखना चाहती है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) में 'वंदे मातरम' को लेकर हुई चर्चा पर कांग्रेस पर निशाना साधा। नकवी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत के प्रति कांग्रेस का रवैया कोई संयोग नहीं, बल्कि एक 'सांप्रदायिक प्रयोग' है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की राजनीति का नुकसान अंततः कांग्रेस को ही उठाना पड़ेगा।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आरएलडी का पक्ष
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल द्वारा राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले को गाँव-गाँव तक ले जाने के बयान पर केसी त्यागी ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई हो चुकी है। आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं और सीबीआई जाँच जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार पहले ही आश्वासन दे चुकी हैं कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
छात्र आंदोलन और राजनीतिक संबद्धता का सवाल
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को आम आदमी पार्टी (AAP) का कार्यकर्ता बताए जाने के सवाल पर त्यागी ने कहा कि भले ही दीपके का AAP से जुड़ाव हो, लेकिन छात्रों द्वारा उठाए जा रहे सभी मुद्दों को किसी एक राजनीतिक दल से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुद्दे उठाने वाले अधिकांश छात्र सामान्य युवा हैं और उनकी समस्याएँ स्वाभाविक हैं। त्यागी ने सभी राजनीतिक दलों और सरकार से अपील की कि वे छात्रों की वास्तविक चिंताओं को गंभीरता से सुनें।
आगे क्या
राष्ट्रगीत विवाद और राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। सीबीआई जाँच की प्रगति और CWC के 'वंदे मातरम' निर्णय पर सभी दलों की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक समीकरण को नया आकार दे सकती है।