राम मंदिर चंदा विवाद: बिहार मंत्री संतोष सुमन बोले — 'एसआईटी जांच के बाद दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई हो'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने 8 जुलाई 2026 को पटना में राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना पूरे देश के लिए शर्मनाक है और एसआईटी जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को भी इस संदर्भ में उचित ठहराया।
मंत्री सुमन का मुख्य बयान
पटना में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री सुमन ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमारी आस्था से जुड़े स्थानों पर इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। सामाजिक संगठनों और सरकार को एकजुट होकर दोषियों को कठोर से कठोर दंड देना चाहिए, ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपों और बचाव पक्ष — दोनों की जांच की जाएगी और निष्कर्ष के आधार पर ही आगे की कार्यवाही तय होगी।
चंपत राय के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया
मंत्री सुमन ने कहा कि जब चंपत राय महासचिव पद पर थे, उसी दौरान यह घटना हुई, इसलिए उनका इस्तीफा देना स्वाभाविक कदम था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित होगा। गौरतलब है कि राम मंदिर चंदा विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता को लेकर बहस छेड़ दी है।
विपक्ष पर निशाना
मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विपक्षी नेताओं पर दिए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ नेता खुद को सनातनी बताते हैं, लेकिन अयोध्या के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाते हैं। उन्होंने अखिलेश सिंह का नाम लेते हुए आरोप लगाया, 'आप खुद को सनातनी कहते हैं, लेकिन आस्था पर टिप्पणी करते हैं। जब अपनी तरफ घटना होती है तो चुप रह जाते हैं और दूसरी तरफ इसे देश-दुनिया में फैलाने का काम करते हैं। यह सनातन की छवि धूमिल करने का प्रयास है।'
कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए सुमन ने कहा कि पार्टी के पास अब पुरानी यादों के अलावा कुछ नहीं बचा और बिहार में उसका जनाधार पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि नेहरू की नीतियों के कारण देश को अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों से जूझना पड़ा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं।
बिहार सरकार की प्राथमिकताएं
मंत्री सुमन ने बताया कि एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए 'सात निश्चय' के लक्ष्यों पर तेज गति से काम हो रहा है। रोज़गार सृजन, शांति व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्ति और निवेश आकर्षण सरकार की प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दो वर्षों में उद्योगों के आगमन से बिहार में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखेगा।
बंगाल एनकाउंटर पर रुख
मंत्री सुमन ने बंगाल में हुई हालिया एनकाउंटर घटना पर कहा कि यह मानवता को शर्मसार करने वाली है और बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून एवं सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपराधियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर का भी समर्थन करते हैं। राम मंदिर विवाद से लेकर बंगाल एनकाउंटर तक — मंत्री सुमन के बयान स्पष्ट करते हैं कि सत्ता पक्ष कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है।