राम मंदिर चढ़ावा विवाद: CBI और ED जांच की मांग, चंपत राय व अनिल मिश्रा के खिलाफ FIR की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को नया मोड़ लिया, जब फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से तत्काल जांच की माँग की। मिश्रा ने कहा कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ी होना पुलिस की स्पष्ट विफलता है।
मुख्य घटनाक्रम
मिश्रा ने ED से हस्तक्षेप की माँग करते हुए कहा, "इस मामले में इतनी बड़ी रकम का सवाल है और ऐसे में यदि ED जांच नहीं करेगी तो कौन करेगा? वास्तव में अब तक ED को इस मामले में सक्रिय हो जाना चाहिए था।" उन्होंने यह भी कहा कि CBI जांच अनिवार्य है — "बाकी सब कुछ भगवान श्रीराम पर छोड़ते हैं, लेकिन इस मामले की जांच CBI से कराई जानी चाहिए।"
नई FIR की तैयारी
मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आगामी शिकायत पहले दर्ज आठ आरोपियों वाली FIR से पूरी तरह अलग होगी। उन्होंने बताया कि इस बार चंपत राय, अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। साथ ही संकेत दिया कि जांच के दौरान और नाम भी जुड़ सकते हैं।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
मिश्रा ने पहले दर्ज FIR में नकदी बरामदगी के तरीके पर भी गंभीर संदेह जताया। उनके अनुसार, पुलिस ने दस अलग-अलग स्थानों से नकदी बरामद की, लेकिन रिकॉर्ड में उसे एकसाथ दर्शाया गया — जो स्वयं जांच का विषय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों पर संदेह है, उन्हें पुलिस सुरक्षा मिल रही है, जिससे निष्पक्ष FIR दर्ज होने पर प्रश्नचिह्न लगता है।
चेतावनी और आगे की रणनीति
मिश्रा ने चेतावनी दी, "अगर पुलिस FIR दर्ज नहीं करती, तो जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध होगी, उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी। कानून में हर चीज का प्रावधान है।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत दर्ज नहीं हुई, तो हर कथित गड़बड़ी को सार्वजनिक किया जाता रहेगा।
क्या होगा आगे
यह मामला ऐसे समय में उठा है जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पहले से ही जांच के दायरे में है। CBI और ED की संभावित एंट्री इस विवाद को और व्यापक बना सकती है। गौरतलब है कि राम मंदिर में हर दिन लाखों रुपये का चढ़ावा आता है, और इसकी पारदर्शी निगरानी की माँग लंबे समय से उठती रही है।