रेजीनगर उपचुनाव: निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम पुराने मामले में गिरफ्तार, AJYP ने लगाया राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम को 19 सितंबर 2026 (शनिवार) को पुलिस ने एक पुराने आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले रेजीनगर उपचुनाव की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। इससे ठीक एक दिन पहले नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी चार पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, शफीउल इस्लाम ने 14 सितंबर 2026 को रेजीनगर उपचुनाव के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया था। उन्हें मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल से नौदा पुलिस ने हिरासत में लिया। उनका निवास नौदा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बतुकनाथपुर गाँव में है।
पुलिस के बयान के अनुसार, 2026 के विधानसभा चुनावों से पूर्व नौदा के पटिकाबारी इलाके में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJYP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच बड़ी झड़प हुई थी। शफीउल को उस मामले में आरोपी बनाया गया था और वे कथित तौर पर तब से फरार थे।
AJYP का रुख — 'राजनीतिक साज़िश'
AJYP नेताओं ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक कारणों से प्रेरित बताया। पार्टी सूत्रों ने खुलासा किया कि भले ही शफीउल ने निर्दलीय के तौर पर नामांकन दाखिल किया, वे वास्तव में AJYP के नौदा ब्लॉक अध्यक्ष हैं। उन्हें रणनीतिक रूप से 'डमी उम्मीदवार' के तौर पर मैदान में उतारा गया था — ताकि यदि मुख्य उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो जाए, तो भी पार्टी का चुनाव चिह्न बना रहे।
रेजीनगर से AJYP के मुख्य उम्मीदवार गोलम नबी आजाद उर्फ रॉबिन हैं, जो AJYP विधायक हुमायूँ कबीर के पुत्र हैं।
उम्मीदवार रॉबिन की तीखी प्रतिक्रिया
गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रॉबिन ने कहा: 'चुनाव ऐसे नहीं लड़े जा सकते। चुनाव की घोषणा होते ही, एक के बाद एक पार्टी कार्यकर्ताओं को पुराने झूठे मामलों में गिरफ्तार किया जा रहा है। लोग हमारे लिए वोट करने की उम्मीद कैसे करेंगे? यह विपक्ष को डराने-धमकाने की एक चाल है।'
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि डमी उम्मीदवार खड़ा करना एक आम और क़ानूनी चुनावी रणनीति है, और शफीउल की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि सत्ताधारी पार्टी चुनावी मुकाबले से घबराई हुई है।
नंदीग्राम में मिलन प्रधान की गिरफ्तारी — पैटर्न उभरा
यह ऐसे समय में आया है जब ठीक एक दिन पहले शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को पुलिस ने नंदीग्राम उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को चार पुराने मामलों में गिरफ्तार किया था। यह उपचुनाव भी 6 अक्टूबर को ही निर्धारित है। प्रधान का नाम 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान हुई एक हत्या के मामले से जुड़ा है। उन्हें हल्दिया कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि दो उपचुनाव क्षेत्रों में एक ही दिन के अंतराल पर विपक्षी उम्मीदवारों की गिरफ्तारी ने राज्य की चुनावी राजनीति में एक स्पष्ट पैटर्न की ओर ध्यान खींचा है।
आगे की स्थिति
शफीउल इस्लाम को रविवार, 20 सितंबर 2026 को अदालत में पेश किया जाएगा। रेजीनगर और नंदीग्राम — दोनों उपचुनावों की मतगणना की तारीख की प्रतीक्षा के बीच विपक्षी दलों की नज़रें अब चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।