एमके स्टालिन का TVK सरकार पर हमला: 151 सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल सीटें ऑल इंडिया कोटे में क्यों गईं?
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 29 जुलाई 2026 को सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए पूछा कि राज्य कोटे की 151 सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल सीटें ऑल इंडिया कोटे में क्यों स्थानांतरित कर दी गईं। उन्होंने इसे तमिलनाडु की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली के लिए एक गंभीर आघात करार देते हुए सरकार से विस्तृत जवाब माँगा।
मुख्य घटनाक्रम
स्टालिन ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में इस मुद्दे को तमिलनाडु के लिए अत्यंत संवेदनशील बताया। उनके अनुसार इन 151 सीटों से बड़ी संख्या में सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टर तैयार होते, जो राज्य के मरीजों की सेवा करते और आने वाले वर्षों में तमिलनाडु के स्वास्थ्य सेवा ढाँचे को सुदृढ़ बनाते।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सकों की भारी कमी है और राज्य सरकारें अपने कोटे की सीटें बचाने के लिए कानूनी संघर्ष कर रही हैं।
कानूनी रणनीति पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने TVK सरकार की कानूनी रणनीति को 'लापरवाह' बताते हुए कई तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के आदेश को अपील के ज़रिये चुनौती क्यों नहीं दी।
स्टालिन ने यह भी प्रश्न किया कि सुनवाई के अहम चरणों में सरकार के वकील न्यायालय के समक्ष उपस्थित क्यों नहीं हुए और मामले में प्रभावी ढंग से बहस के लिए किसी वरिष्ठ अधिवक्ता को नियुक्त करने में देरी क्यों की गई।
विधानसभा में प्रस्ताव न लाने पर आरोप
DMK नेता ने यह भी सवाल उठाया कि TVK सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में सीटों के ऑल इंडिया कोटे में स्थानांतरण का विरोध करते हुए कोई प्रस्ताव क्यों पारित नहीं कराया। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा प्रस्ताव राज्य के रुख को कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर मजबूत करता।
गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा ने अतीत में भी केंद्र की नीतियों के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर अपनी स्वायत्तता का प्रदर्शन किया है।
काउंसलिंग प्रक्रिया पर संदेह
स्टालिन ने घटनाओं के क्रम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ऑल इंडिया काउंसलिंग के दूसरे चरण से पहले राज्य काउंसलिंग प्रक्रिया क्यों आयोजित की गई और राज्य काउंसलिंग के दौरान सभी 151 सुपर-स्पेशियलिटी सीटें रिक्त क्यों घोषित की गईं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह कदम जानबूझकर उठाया गया था।
स्वास्थ्य सेवा पर दीर्घकालिक असर
आलोचकों का कहना है कि इन सीटों का नुकसान तमिलनाडु में विशेषज्ञ चिकित्सकों की आपूर्ति पर दीर्घकालिक प्रभाव डालेगा, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जहाँ सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं की पहुँच पहले से सीमित है। स्टालिन ने TVK सरकार से इस मुद्दे के हर पहलू पर स्पष्ट और जवाबदेह उत्तर देने की माँग की है।