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सुवेंदु अधिकारी का TMC पर हमला: 'ममता सरकार ने पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था तबाह की'

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सुवेंदु अधिकारी का TMC पर हमला: 'ममता सरकार ने पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था तबाह की'

सारांश

नेशनल डॉक्टर्स डे पर बिधाननगर अस्पताल से CM सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की पूर्व TMC सरकार पर सीधा हमला बोला — राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बर्बाद करने का आरोप लगाया और आयुष्मान भारत लागू करने को नई सरकार की पहली बड़ी उपलब्धि बताया।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे पर बिधाननगर अस्पताल, कोलकाता में TMC सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था बर्बाद करने का आरोप लगाया।
अधिकारी ने कहा कि पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के राजनीतिक दखल और भाई-भतीजावाद ने राज्य के हेल्थकेयर सिस्टम को खस्ताहाल कर दिया।
उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों में सबसे अधिक मरीज़ पश्चिम बंगाल से जाते हैं — जो राज्य में स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे की विफलता का प्रमाण है।
नई सरकार ने सत्ता में आते ही आयुष्मान भारत योजना लागू की, जिसे TMC सरकार ने वर्षों तक रोके रखा था।
अधिकारी ने स्वामी विवेकानंद के दर्शन का हवाला देते हुए स्वास्थ्य सेवा को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करने का संकल्प लिया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर कोलकाता के बिधाननगर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को पूरी तरह उपेक्षित और बर्बाद कर दिया।

मुख्यमंत्री के आरोप: क्या कहा अधिकारी ने

मुख्यमंत्री अधिकारी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, ज्योति बसु ने 1977 में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद स्वर्गीय डॉ. बिधान चंद्र रॉय — जिनके जन्मदिन पर नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है — की प्रशंसा में कहा था कि वे जो भी विकास कार्य शुरू करना चाहते थे, वह बिधान चंद्र रॉय पहले ही कर चुके थे। उन्होंने कहा, 'अब मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद, मैं जिस भी क्षेत्र में काम करता हूँ, वहाँ पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा की गई बर्बादी को देख सकता हूँ।'

अधिकारी ने यह भी कहा कि TMC शासनकाल में राजनीतिक हस्तक्षेप और भाई-भतीजावाद ने स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ तोड़ दी। उनके शब्दों में, 'बेवजह के राजनीतिक दखल ने राज्य की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को बहुत खराब हालत में पहुँचा दिया था।'

बंगाल के मरीज़ों का दूसरे राज्यों पर निर्भरता — एक बड़ा सवाल

मुख्यमंत्री ने एक महत्त्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि अन्य राज्यों के बड़े अस्पतालों में सबसे अधिक मरीज़ पश्चिम बंगाल से आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया, 'ऐसी स्थिति क्यों होनी चाहिए? पश्चिम बंगाल में इलाज की पर्याप्त सुविधाएँ क्यों नहीं होनी चाहिए?' यह टिप्पणी राज्य में स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे की दीर्घकालिक कमज़ोरी की ओर इशारा करती है।

आयुष्मान भारत: नई सरकार का पहला कदम

अधिकारी ने बताया कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू किया — एक ऐसा निर्णय जिसे पिछली TMC सरकार ने वर्षों तक रोके रखा था। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सेवा सुधार की दिशा में नई सरकार का पहला ठोस कदम बताया। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को ₹5 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है।

स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा, सेवा का संकल्प

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के दर्शन का हवाला देते हुए कहा कि इंसानों की सेवा ही ईश्वर की सेवा है। उन्होंने कहा, 'स्वामी विवेकानंद ने भी एक बार हमें भगवान की सेवा के लिए इंसानों की सेवा करने की सलाह दी थी। इसलिए, अब हमें पश्चिम बंगाल में हेल्थकेयर सिस्टम को बेहतर बनाना है और इसे नई ऊँचाइयों पर ले जाना है।'

आगे की राह: राजनीतिक दखल से मुक्त स्वास्थ्य व्यवस्था का वादा

मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता राज्य की स्वास्थ्य सेवा को राजनीतिक प्रभाव और पक्षपात से मुक्त करना है। उन्होंने कहा, 'हेल्थकेयर सिस्टम भाई-भतीजावाद और पक्षपात के माहौल में काम नहीं कर सकता।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के पुनर्निर्माण की माँग लंबे समय से उठती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका मूल्यांकन तथ्यों की कसौटी पर होना चाहिए — पश्चिम बंगाल के मरीज़ों का अन्य राज्यों में इलाज के लिए जाना एक दस्तावेज़ीकृत समस्या है, जो केवल पिछले एक कार्यकाल की देन नहीं, बल्कि दशकों की उपेक्षा का परिणाम है। आयुष्मान भारत लागू करना एक सकारात्मक कदम है, परंतु योजना के लाभार्थियों तक पहुँचने की गति और ज़मीनी क्रियान्वयन की जाँच ज़रूरी होगी। यह भी देखना होगा कि नई सरकार स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे में निवेश और डॉक्टरों की सुरक्षा जैसे संरचनात्मक मुद्दों पर कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है — सिर्फ पूर्ववर्ती सरकार को दोष देना पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने नेशनल डॉक्टर्स डे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 1 जुलाई को बिधाननगर अस्पताल में आयोजित नेशनल डॉक्टर्स डे कार्यक्रम में कहा कि पूर्ववर्ती TMC सरकार ने राजनीतिक दखल और भाई-भतीजावाद के ज़रिए पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करने का संकल्प लिया।
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना क्यों पहले लागू नहीं हुई थी?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू होने से रोके रखा। नई सरकार ने सत्ता में आते ही इसे लागू किया, जिससे राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को ₹5 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर मिल सके।
नेशनल डॉक्टर्स डे क्यों मनाया जाता है?
नेशनल डॉक्टर्स डे हर वर्ष 1 जुलाई को पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रख्यात चिकित्सक डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती पर मनाया जाता है। यह दिन देशभर में चिकित्सकों के योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है।
पश्चिम बंगाल के मरीज़ दूसरे राज्यों में इलाज के लिए क्यों जाते हैं?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्वयं इस तथ्य को रेखांकित किया कि अन्य राज्यों के बड़े अस्पतालों में सर्वाधिक मरीज़ पश्चिम बंगाल से आते हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति राज्य में वर्षों की स्वास्थ्य सेवा उपेक्षा और राजनीतिक हस्तक्षेप का परिणाम है।
नई पश्चिम बंगाल सरकार स्वास्थ्य सुधार के लिए क्या कदम उठा रही है?
अधिकारी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना लागू करने को अपना पहला प्रमुख स्वास्थ्य सुधार कदम बताया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा को राजनीतिक दखल और भाई-भतीजावाद से मुक्त करने का संकल्प लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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