2 नवंबर 2026
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तमिलनाडु जीएसटी वृद्धि मात्र 3%, पूर्व वित्त मंत्री थेन्नारासु ने टीवीके सरकार पर उठाए सवाल

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तमिलनाडु जीएसटी वृद्धि मात्र 3%, पूर्व वित्त मंत्री थेन्नारासु ने टीवीके सरकार पर उठाए सवाल

सारांश

अक्टूबर में तमिलनाडु की जीएसटी वृद्धि मात्र 3% रही, जबकि आंध्र प्रदेश 24% और केरल 23% पर रहे। पूर्व वित्त मंत्री थेन्नारासु ने टीवीके सरकार को घेरते हुए कहा कि घरेलू उत्पादन-आधारित राजस्व में गिरावट राज्य के आर्थिक ठहराव का संकेत है।

मुख्य बातें

अक्टूबर 2026 में तमिलनाडु की जीएसटी राजस्व वृद्धि केवल 3 प्रतिशत रही।
तुलनात्मक रूप से आंध्र प्रदेश में 24% , केरल में 23% , कर्नाटक में 18% और तेलंगाना में 14% की वृद्धि दर्ज हुई।
पूर्व वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने टीवीके सरकार पर राज्य की विकास गति कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
थेन्नारासु के अनुसार, आयातित वस्तुओं से मिला कर राजस्व घरेलू उत्पादन-आधारित राजस्व में आई गिरावट को छुपा रहा है।
टीवीके सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

तमिलनाडु के पूर्व वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने 2 नवंबर 2026 को राज्य के घटते आर्थिक प्रदर्शन पर गंभीर चिंता जताई, जब अक्टूबर माह के जीएसटी आंकड़ों में तमिलनाडु की वृद्धि दर केवल 3 प्रतिशत रही — जबकि पड़ोसी दक्षिणी राज्यों ने दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की। उन्होंने टीवीके सरकार पर आरोप लगाया कि उसने राज्य की विकास गति को कमज़ोर होने दिया है।

राज्यों के बीच तुलना: आंकड़े क्या कहते हैं

आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में आंध्र प्रदेश सबसे आगे रहा जिसने 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसके बाद केरल में 23 प्रतिशत, कर्नाटक में 18 प्रतिशत और तेलंगाना में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इन सभी के मुकाबले तमिलनाडु की मात्र 3 प्रतिशत की वृद्धि दर न केवल क्षेत्रीय रूप से सबसे निचले पायदान पर है, बल्कि थेन्नारासु के अनुसार यह राज्य की अर्थव्यवस्था की दिशा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है।

घरेलू उत्पादन बनाम आयात राजस्व: असली चिंता

थेन्नारासु ने अपनी आलोचना को कुल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने आयातित वस्तुओं से प्राप्त कर राजस्व और तमिलनाडु के भीतर उत्पादन से मिलने वाले राजस्व के बीच के फ़र्क को उजागर किया।

उनका तर्क था कि कुछ प्रमुख आयातित वस्तुओं पर लगाए गए करों से कुल संग्रह में मामूली बढ़ोतरी भले दिखती हो, किंतु यह बढ़ोतरी राज्य के अपने उत्पादन-आधारित कर राजस्व में आई गिरावट को नहीं छुपा सकती। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन से मिलने वाले राजस्व में कमज़ोरी को व्यापक आर्थिक ठहराव का संकेत मानकर देखा जाना चाहिए।

टीवीके सरकार पर थेन्नारासु का आरोप

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु, जो कभी भारत के आर्थिक विकास में अग्रणी राज्यों में गिना जाता था, वर्तमान प्रशासन के अंतर्गत लगातार गिरावट का सामना कर रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राजस्व आंकड़ों में दिख रहे चेतावनी के संकेतों को गंभीरता से लिया जाए।

गौरतलब है कि थेन्नारासु स्वयं राज्य के पूर्व वित्त मंत्री रह चुके हैं और दक्षिण भारतीय राज्यों की आर्थिक नीति पर उनकी पकड़ को विशेषज्ञ हलकों में स्वीकार किया जाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारों के बीच राजस्व बंटवारे को लेकर बहस तेज़ है।

आर्थिक प्रदर्शन पर व्यापक संदर्भ

तमिलनाडु परंपरागत रूप से दक्षिण भारत का औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र रहा है। ऑटोमोबाइल, वस्त्र और चमड़ा उद्योगों में उसकी मजबूत उपस्थिति रही है। ऐसे में जीएसटी राजस्व में यह अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि आलोचकों को यह कहने का अवसर देती है कि राज्य का औद्योगिक आधार अपेक्षित गति से विस्तार नहीं कर रहा।

थेन्नारासु ने सरकार से आग्रह किया कि वह अक्टूबर के जीएसटी आंकड़ों को अर्थव्यवस्था के वास्तविक प्रदर्शन की एक चेतावनी के रूप में देखे और समय रहते नीतिगत सुधार करे।

आगे क्या

फ़िलहाल टीवीके सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले महीनों के जीएसटी आंकड़े यह तय करेंगे कि अक्टूबर की सुस्त वृद्धि एक अपवाद थी या किसी दीर्घकालिक प्रवृत्ति की शुरुआत।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह महज़ एक मासिक उतार-चढ़ाव है? आयात-संचालित राजस्व और घरेलू उत्पादन-आधारित राजस्व के बीच का जो फ़र्क उन्होंने रेखांकित किया है, वह महत्त्वपूर्ण है — क्योंकि आयात पर निर्भर राजस्व दीर्घकालिक आर्थिक स्वास्थ्य का विश्वसनीय पैमाना नहीं होता। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर कुल जीएसटी संग्रह के शीर्षक-आंकड़े पर ही रुक जाती है — राजस्व की संरचना पर नहीं। लेकिन असली जवाबदेही तभी होगी जब सरकार क्षेत्रवार और स्रोत-वार आंकड़े सार्वजनिक करे, अन्यथा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की इस बहस में तथ्य दब जाते हैं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्टूबर 2026 में तमिलनाडु की जीएसटी वृद्धि दर क्या रही?
आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में तमिलनाडु की जीएसटी राजस्व वृद्धि केवल 3 प्रतिशत रही। यह पड़ोसी राज्यों — आंध्र प्रदेश (24%), केरल (23%), कर्नाटक (18%) और तेलंगाना (14%) — से काफ़ी कम है।
थंगम थेन्नारासु ने टीवीके सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पूर्व वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार ने राज्य की विकास गति को कमज़ोर होने दिया है। उनका कहना है कि तमिलनाडु, जो कभी आर्थिक विकास में अग्रणी था, वर्तमान प्रशासन के तहत लगातार पिछड़ रहा है।
थेन्नारासु ने आयात राजस्व और घरेलू उत्पादन राजस्व का अंतर क्यों उठाया?
उन्होंने कहा कि कुछ प्रमुख आयातित वस्तुओं पर करों से कुल जीएसटी संग्रह में मामूली बढ़ोतरी दिखती है, लेकिन यह राज्य के भीतर उत्पादन-आधारित राजस्व में आई गिरावट को नहीं छुपा सकती। घरेलू उत्पादन से मिलने वाले राजस्व में कमज़ोरी को उन्होंने व्यापक आर्थिक ठहराव का संकेत बताया।
दक्षिण भारत के अन्य राज्यों की तुलना में तमिलनाडु कहाँ खड़ा है?
अक्टूबर 2026 के जीएसटी आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु की 3% वृद्धि दर क्षेत्रीय रूप से सबसे कम है। आंध्र प्रदेश (24%), केरल (23%), कर्नाटक (18%) और तेलंगाना (14%) सभी ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की।
क्या टीवीके सरकार ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
फ़िलहाल टीवीके सरकार की ओर से थेन्नारासु के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले महीनों के जीएसटी आंकड़े यह स्पष्ट करेंगे कि अक्टूबर की सुस्त वृद्धि अस्थायी थी या किसी दीर्घकालिक रुझान का हिस्सा।
राष्ट्र प्रेस
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