माणिक साहा भोपाल में राष्ट्रीय ओरल सर्जरी सम्मेलन के मुख्य अतिथि, 2–4 जुलाई तक तीन दिवसीय आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा 2 जुलाई 2026 को भोपाल पहुँचे, जहाँ वे एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (AOMSI) के मध्य प्रदेश स्टेट चैप्टर और पीपल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। यह सम्मेलन 2 से 4 जुलाई 2026 तक चलेगा और इसमें भारत तथा विदेशों के प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन का विषय और उद्देश्य
'एक संपूर्ण सर्जन का निर्माण' विषय पर केंद्रित इस राष्ट्रीय आयोजन में वैज्ञानिक अनुसंधान, उन्नत सर्जिकल तकनीकों, जटिल नैदानिक प्रक्रियाओं और चिकित्सा शिक्षा में उभरते वैश्विक रुझानों पर गहन चर्चा होगी। विशेषज्ञ ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में नवीन पद्धतियों पर शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे और व्यावहारिक कार्यशालाएँ आयोजित करेंगे, जिनका केंद्र नवाचार के माध्यम से रोगी देखभाल में सुधार होगा।
आयोजकों के अनुसार, इस सम्मेलन का प्रमुख लक्ष्य वरिष्ठ सर्जनों, शोधकर्ताओं, चिकित्सा शिक्षकों और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के बीच विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है, ताकि अनुसंधान और नैदानिक अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटा जा सके।
डॉ. साहा की विशेषज्ञता और उपस्थिति का महत्व
गौरतलब है कि डॉ. माणिक साहा स्वयं एक प्रतिष्ठित ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जन हैं — राजनीति में आने से पहले वे इस विशेषज्ञता में सक्रिय चिकित्सक रहे हैं। यह उनकी उपस्थिति को एक मुख्यमंत्री के औपचारिक आगमन से परे, एक विषय-विशेषज्ञ की भागीदारी का रूप देती है। उनकी पत्नी स्वप्ना साहा भी इस अवसर पर उनके साथ भोपाल में उपस्थित हैं।
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने किया स्वागत
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अपने आवास पर डॉ. साहा का स्वागत किया। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की।
शुक्ला ने कहा, 'डॉ. माणिक साहा खुद एक जाने-माने ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जन हैं। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में उनकी उपस्थिति युवा चिकित्सा पेशेवरों को प्रेरित करेगी और इस क्षेत्र में शैक्षणिक आदान-प्रदान को और मजबूत करेगी। नवाचार को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ऐसे मंच जरूरी हैं।'
सम्मेलन से क्या होगा आगे
इस आयोजन से संस्थानों में आधुनिक सर्जिकल प्रथाओं को अपनाने और शैक्षणिक नेटवर्क को सुदृढ़ करने की उम्मीद जताई जा रही है। पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को इस क्षेत्र के विकसित हो रहे वैश्विक मानकों से सीधे परिचित कराना इस सम्मेलन की एक प्रमुख प्राथमिकता है। यह आयोजन चिकित्सा शिक्षा और सर्जिकल नवाचार के बीच सेतु का काम करेगा।