नीट विरोध: वंचित बहुजन आघाड़ी के 'महाराष्ट्र बंद' में 3,500 कार्यकर्ता हिरासत में, प्रकाश अंबेडकर बोले- छात्रों की लड़ाई जारी रहेगी
सारांश
मुख्य बातें
वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने 23 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया। पार्टी प्रमुख प्रकाश अंबेडकर के अनुसार, बंद के दौरान मुंबई पुलिस ने करीब 3,500 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिसे उन्होंने सरकार-प्रायोजित दमन करार दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि छात्रों के अधिकारों के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
महाराष्ट्र बंद का आह्वान और पुलिस की कार्रवाई
वंचित बहुजन आघाड़ी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'महाराष्ट्र बंद शांतिपूर्ण तरीके से बुलाया गया है, लेकिन पुलिस अलग-अलग जगहों पर वंचित बहुजन आघाड़ी के पदाधिकारियों को हिरासत में ले रही है और उन्हें रोक रही है।' पार्टी का आरोप है कि बंद को विफल करने के लिए कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है।
मुंबई पुलिस ने बंद से पहले ही कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नोटिस भेजे थे, जिनमें चेतावनी दी गई थी कि कानून-व्यवस्था भंग करने, जबरन बंद कराने या अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बल भी तैनात किए गए।
प्रकाश अंबेडकर के आरोप
प्रकाश अंबेडकर ने एक्स पर लिखा, 'वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से महाराष्ट्र बंद के दौरान मुंबई में पुलिस ने करीब 3,500 वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पुलिस के माध्यम से दमन और भय का वातावरण निर्मित किया है।
दिल्ली विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में अंबेडकर ने कहा, 'यह सरकार छात्रों का भविष्य और उनके कीमती साल बर्बाद करने की कोशिश कर रही है। इसीलिए हम यह मुद्दा उठा रहे हैं।' उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा, 'भाजपा हमेशा मेरिट की बात करती है, लेकिन जब पेपर लीक होता है, तो सबसे अधिक नुकसान मेरिट का ही होता है। इसके बावजूद, पार्टी पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।'
पुलिस नोटिस पर VBA का जवाब
वंचित बहुजन महिला आघाड़ी की मुंबई क्षेत्रीय अध्यक्ष स्नेहल सोहनी ने पुलिस नोटिस को आंदोलन कमज़ोर करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, 'वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से आयोजित हर आंदोलन से पहले हमें पुलिस के नोटिस मिलते हैं। पुलिस ने ऐसा करके आंदोलन को कमज़ोर करने की कोशिश की है, लेकिन वंचित बहुजन आघाड़ी किसी से नहीं डरती।'
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ चुका है और कई राज्यों में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज की खबरें आई थीं, जिसके बाद महाराष्ट्र में यह बंद बुलाया गया।
आगे क्या
प्रकाश अंबेडकर ने स्पष्ट किया है कि हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद छात्रों के लिए यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। पार्टी के अनुसार, नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि महाराष्ट्र सरकार और केंद्र इस बढ़ते दबाव पर क्या रुख अपनाते हैं।