क्या विपक्ष को महत्वपूर्ण मुद्दे संसद के अंदर उठाने चाहिए, बाहर नहीं: शाइना एनसी?

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क्या विपक्ष को महत्वपूर्ण मुद्दे संसद के अंदर उठाने चाहिए, बाहर नहीं: शाइना एनसी?

सारांश

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत के साथ, शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने विपक्ष से संसद के अंदर मुद्दे उठाने की अपील की है। उन्होंने प्रमुख बिलों और राजनीतिक चर्चाओं पर जोर दिया। जानिए इस विषय पर उनका क्या कहना है!

मुख्य बातें

विपक्ष को संसद के अंदर मुद्दे उठाने चाहिए।
शीतकालीन सत्र में कई महत्वपूर्ण बिल लाए जाएंगे।
राहुल गांधी को संसद में सक्रिय होने की आवश्यकता है।
नकारात्मक टिप्पणियों से बचना चाहिए।
महिलाओं के सम्मान पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

मुंबई, 1 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार से हो गई है। इस दौरान शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि विपक्ष को महत्वपूर्ण मुद्दे संसद के अंदर उठाने चाहिए, न कि बाहर।

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "यदि विपक्ष को कोई मुद्दा उठाना है, तो उसे संसद के भीतर ही उठाना चाहिए। सरकार कई महत्वपूर्ण बिल संसद के शीतकालीन सत्र में लाने वाली है। एसआईआर से संबंधित सवालों के जवाब भी दिए जाएंगे। न्यूक्लियर से जुड़े बिलों, जहां प्राइवेट पार्टनरशिप लाना जरूरी है, उच्च शिक्षा समेत कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होगी। मेरी राय में, संसद में चर्चा होनी चाहिए और नकारात्मक टिप्पणी से सभी को बचना चाहिए।

उन्होंने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद सत्र में भाग लेने को लेकर कहा, "राहुल गांधी स्कूल में आ रहे हैं और छुट्टी मनाने विदेश नहीं गए, यह एक महत्वपूर्ण बात है। वह संसद के अंदर गंभीर मुद्दे रख सकते हैं। जहां तक भारत के सम्मान की बात है, उन्हें संसद के अंदर चर्चा करनी चाहिए, न कि बाहर।"

जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के जिहाद पर दिए हालिया विवादित बयान पर शाइना एनसी ने निशाना साधते हुए कहा, "मदानी कौन हैं? जब वे बड़बड़ाते हैं और लोगों को गुमराह करते हैं, तो उन्हें अपनी निष्ठा के साथ अपना बैग पैक करके पाकिस्तान चले जाना चाहिए और वहां से चर्चा करनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "कभी-कभी वे लव जिहाद और लैंड जिहाद पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, कभी न्यूयॉर्क और लंदन में मुस्लिम मेयर पर आपत्ति जताते हैं। उन्हें यह विचार करना चाहिए कि भारत में उन्होंने खास समुदाय के लोगों को नेतृत्व में क्यों नहीं बढ़ाया, केवल वोट बैंक तक ही क्यों सीमित रखा? वे तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हैं। जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां उन्हें आपत्ति होती है। जब उनके कौम को लाभ मिलता है, तब भी दिक्कत होती है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि संसद की कार्यवाही को प्राथमिकता दी जाए। विपक्ष को संसद के भीतर मुद्दे उठाने चाहिए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिले। यह न केवल राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देगा बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी सहायक होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या विपक्ष को संसद में मुद्दे उठाने चाहिए?
जी हां, विपक्ष को संसद में मुद्दे उठाना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिले।
शाइना एनसी ने किस विषय पर बात की?
शाइना एनसी ने संसद के अंदर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने की जरूरत पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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