सीएम योगी ने SDRF, PAC व अग्निशमन के 8 बहादुर कार्मिकों को किया सम्मानित, SDMA मुख्यालय का लोकार्पण
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जुलाई 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के नवनिर्मित मुख्यालय भवन का लोकार्पण करते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन की रक्षा करने वाले SDRF, PAC और अग्निशमन सेवा के 8 कार्मिकों को विशेष सम्मान से नवाज़ा। मुख्यमंत्री ने मंच से स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन के लिए राज्य में धनराशि की कोई कमी नहीं है और आने वाले समय में सभी संबंधित विभागों को इस सम्मान योजना से जोड़ा जाएगा।
किन्हें मिला सम्मान और क्यों
सुभाष चंद्र, मुख्य आरक्षी, 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, वाराणसी — अयोध्या में सरयू नदी में फंसे श्रद्धालुओं की जान बचाने के लिए सम्मानित किए गए।
शैलेंद्र कुमार, आरक्षी, 11वीं वाहिनी NDRF, वाराणसी — लखनऊ में हुए अग्निकांड के दौरान बहुमंजिला भवन में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
लालचंद्र यादव, टीम प्रभारी (निरीक्षक), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) उत्तर प्रदेश — आपदा प्रबंधन अभियानों में साहसिक नेतृत्व के लिए पुरस्कृत।
नर्वदेश्वर, प्लाटून कमांडर, SDRF — जीरो ग्राउंड ऑपरेशन के दौरान रणनीतियों को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सम्मानित।
महेंद्र यादव व रामजग कुमार, मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 32वीं वाहिनी PAC — प्रयागराज के अरैल घाट पर यमुना में डूब रही बच्ची को रेस्क्यू कर सुरक्षित बचाया।
योगेंद्र प्रसाद चौरसिया, अग्निशमन अधिकारी, अग्निशमन विभाग — नोएडा की एक गारमेंट कंपनी में लगी आग को सूझबूझ से फैलने से रोका।
अशोक कुमार, फायरमैन, अग्निशमन विभाग — अलीगंज, लखनऊ में हुए अग्निकांड में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला; स्वयं घायल होने के बावजूद अदम्य साहस का परिचय दिया।
SDMA मुख्यालय का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर ₹200 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित SDMA मुख्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने प्राधिकरण की नई वेबसाइट का भी शुभारंभ किया और परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर आपदा प्रबंधन कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। यह भवन राज्य की आपदा तैयारी को एक संस्थागत ढाँचा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 'हमारा संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को ऐसा राज्य बनाएँ जहाँ प्रत्येक नागरिक यह विश्वास लेकर जीवन जी सके कि संकट की घड़ी में सरकार के साथ वह भी तैयार है।' उन्होंने इसे नागरिक और राष्ट्रीय कर्तव्य का अभिन्न हिस्सा बताया। साथ ही उन्होंने जान बचाने वाले नाविकों और मानव-वन्य जीव संघर्ष में जीवन बचाने वालों को भी भविष्य में इस सम्मान योजना से जोड़ने का संकेत दिया।
आम जनता पर असर
यह सम्मान समारोह केवल प्रतीकात्मक नहीं है — यह उन कार्मिकों के मनोबल को बल देता है जो बाढ़, आग और दुर्घटनाओं में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश बाढ़, अग्निकांड और औद्योगिक दुर्घटनाओं की दृष्टि से देश के सर्वाधिक संवेदनशील राज्यों में से एक है। नए SDMA भवन और वेबसाइट से आपदा प्रतिक्रिया की समन्वय क्षमता में सुधार की उम्मीद है।
आगे क्या
मुख्यमंत्री के अनुसार आने वाले समय में सभी संबंधित विभागों को इस सम्मान योजना से जोड़ा जाएगा। नाविकों और वन्य जीव संघर्ष में साहस दिखाने वालों को भी इसमें शामिल करने की योजना है, जिससे आपदा प्रबंधन तंत्र का दायरा और व्यापक होगा।