1 नवंबर 2026
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बिहार के सुधा दूध, तरकारी और मछली को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाएगी सरकार: सीएम सम्राट चौधरी

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बिहार के सुधा दूध, तरकारी और मछली को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाएगी सरकार: सीएम सम्राट चौधरी

सारांश

बिहार सरकार ने सुधा दूध और 'फ्रेश कैच' मछली को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने का संकल्प लिया। पटना में कॉम्फेड आईसीसीसी के उद्घाटन पर 1.06 लाख किसानों को ₹68.51 करोड़ सीधे खातों में दिए गए। 8,053 पंचायतों में जीविका-सुधा केंद्र और 3,200 सुधा सखी बनाना बड़ा लक्ष्य है।

मुख्य बातें

सीएम सम्राट चौधरी ने 1 नवंबर 2026 को पटना में कॉम्फेड एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) और कॉल सेंटर 'सुधा संपर्क' का उद्घाटन किया।
1,06,063 दुग्ध उत्पादक किसानों को 1.46 करोड़ लीटर दूध के एवज में ₹68.51 करोड़ सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित।
वित्त वर्ष 2026-27 में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध संग्रहण का लक्ष्य; वर्तमान में 23.90 लाख किलोग्राम प्रतिदिन।
सुधा ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय विस्तार — असम में 50,000 लीटर और कोलकाता में 10,000 लीटर प्रतिदिन की नई इकाइयाँ प्रस्तावित।
राज्य में 100 फ्रेश कैच कियोस्क स्थापित होंगे; बक्सर से सिलीगुड़ी के लिए मछली वाहन रवाना।
31 मार्च 2027 तक सभी 8,053 पंचायतों में जीविका-सुधा केंद्र और 3,200 सुधा सखी तैयार करने का लक्ष्य।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 नवंबर 2026 को पटना में घोषणा की कि राज्य के दूध, तरकारी और मछली को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को व्यापक रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने तथा उनके उत्पादों को बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ है।

आईसीसीसी और सुधा संपर्क कॉल सेंटर का उद्घाटन

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित कॉम्फेड में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 5,832 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से 1,06,063 दुग्ध उत्पादक किसानों के बैंक खातों में ₹68.51 करोड़ का प्रत्यक्ष अंतरण किया। यह भुगतान 1.46 करोड़ लीटर से अधिक दूध की आपूर्ति के एवज में किया गया है। उन्होंने नव-निर्मित कॉल सेंटर 'सुधा संपर्क' का भी लोकार्पण किया।

डिजिटल पारदर्शिता और यूनिक फार्मर आईडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण पहल है। किसानों को यूनिक फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे दूध की गुणवत्ता, फैट और एसएनएफ की मात्रा तथा भुगतान की डिजिटल निगरानी संभव होगी। गौरतलब है कि यह प्रणाली ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

सुधा ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार की पहचान बन चुका सुधा ब्रांड अब राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। असम के तेजपुर में 20,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता की इकाई पहले से संचालित है। इसके अलावा, असम में 50,000 लीटर और कोलकाता में 10,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता की नई इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि वर्तमान में 23.90 लाख किलोग्राम दूध का प्रतिदिन संग्रहण हो रहा है।

फ्रेश कैच ब्रांड और मत्स्य विपणन

मुख्यमंत्री ने बक्सर से सिलीगुड़ी के लिए फ्रेश कैच वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य में 100 फ्रेश कैच कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, जिनके ज़रिए 'फ्रेश कैच (फिश ऑफ बिहार)' ब्रांड के तहत बिहार की ताज़ी मछलियाँ उपभोक्ताओं तक पहुँचाई जाएंगी। उन्होंने पटना के जैविक उद्यान में सुधा कैफेटेरिया एवं तरकारी दुकान तथा मीठापुर स्थित मीन भवन में फ्रेश कैच कियोस्क और सुधा पार्लर का उद्घाटन भी किया।

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोज़गार

मुख्यमंत्री ने बताया कि जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 3,200 सुधा सखी तैयार करने का लक्ष्य भी रखा गया है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 4,804 नई समितियों का गठन किया जा चुका है, और प्रत्येक गाँव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति बनाने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी तथा डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल बिहार की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक दीर्घकालिक प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ब्रांड विस्तार और महिला सशक्तिकरण एक साथ। लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि 50 लाख लीटर प्रतिदिन का संग्रहण लक्ष्य, जो वर्तमान से दोगुने से भी अधिक है, किसानों की ज़मीनी आमदनी में वास्तविक बदलाव लाता है या नहीं। सुधा जैसे राज्य ब्रांड की अंतरराष्ट्रीय महत्वाकांक्षा तभी टिकाऊ होगी जब गुणवत्ता नियंत्रण और शीत-श्रृंखला अवसंरचना में समानांतर निवेश हो। 8,053 पंचायतों में जीविका-सुधा केंद्र खोलने का लक्ष्य प्रशंसनीय है, पर इसके लिए ज़रूरी प्रशिक्षण और आपूर्ति-श्रृंखला का खाका अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्राट चौधरी ने पटना में क्या उद्घाटन किया?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 नवंबर 2026 को पटना स्थित कॉम्फेड में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) और कॉल सेंटर 'सुधा संपर्क' का उद्घाटन किया। साथ ही जैविक उद्यान में सुधा कैफेटेरिया और मीन भवन में फ्रेश कैच कियोस्क भी लोकार्पित किए।
बिहार के किसानों को ₹68.51 करोड़ का भुगतान कैसे हुआ?
5,832 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के ज़रिए 1,06,063 किसानों के बैंक खातों में 1.46 करोड़ लीटर से अधिक दूध की आपूर्ति के एवज में ₹68.51 करोड़ सीधे अंतरित किए गए। यह भुगतान बिचौलियों को हटाकर पारदर्शी तरीके से किया गया।
सुधा ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय विस्तार कैसे होगा?
असम के तेजपुर में 20,000 लीटर प्रतिदिन की इकाई पहले से चालू है। अब असम में 50,000 लीटर और कोलकाता में 10,000 लीटर प्रतिदिन की नई इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य सुधा को राष्ट्रीय सीमाओं से परे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ले जाना है।
फ्रेश कैच (फिश ऑफ बिहार) ब्रांड क्या है?
'फ्रेश कैच (फिश ऑफ बिहार)' बिहार सरकार का मत्स्य विपणन ब्रांड है, जिसके तहत राज्य में 100 कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। बक्सर से सिलीगुड़ी तक मछली पहुँचाने के लिए विशेष वाहन को हरी झंडी दी गई है।
जीविका-सुधा केंद्र और सुधा सखी योजना क्या है?
जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक बिहार की सभी 8,053 पंचायतों में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे और 3,200 सुधा सखी तैयार की जाएंगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोज़गार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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