दिल्ली धोखाधड़ी मामला: ₹60 लाख की ज्वेलरी-कैश के साथ 24 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस स्टेशन की विशेष टीम ने ₹60 लाख से अधिक के गहनों और नकदी से जुड़े धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में 24 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर पीड़िता का विश्वास जीता और फिर उसके गहने, नकदी तथा मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया।
मुख्य घटनाक्रम
गुजरात के खेड़ा जिले के निवासी यश कैलाश बुलचंदानी को मेहसाणा में एक पुलिस छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार उसके पास से लगभग 96 ग्राम पिघला हुआ सोना, सोने के दो सिक्के, सोने की चेन, एक डायमंड सेट और एक मोबाइल फोन बरामद किए गए।
इस मामले में 17 जुलाई को सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 303(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
कैसे हुई ठगी
जाँच में सामने आया कि शिकायतकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी के संपर्क में आई थी। बुलचंदानी ने खुद को इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बताकर पीड़िता का भरोसा हासिल किया और उसे निवेश के नाम पर पैसे व गहने सौंपने के लिए राजी किया।
9 जुलाई को आरोपी दिल्ली में शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से मिला और कथित तौर पर उसका मोबाइल फोन, गहने और एक बैग लेकर फरार हो गया, जिसमें ₹14 लाख नकद और एक क्रेडिट कार्ड था।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत दर्ज होने के बाद सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) इंस्पेक्टर रजनीश कुमार की अगुवाई में और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मेल्विन वर्गीज की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर पंकज कुमार, हेड कॉन्स्टेबल भवानी सिंह और कॉन्स्टेबल अभिषेक शामिल थे।
टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा, उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन और संबंधित एजेंसियों तथा सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय के जरिए आरोपी का सुराग लगाया। इसी आधार पर मेहसाणा में छापा मारकर बुलचंदानी को पकड़ा गया।
बरामदगी और आगे की जाँच
पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी और कथित तौर पर चुराए गए सामान की बरामदगी के साथ मामला काफी हद तक सुलझा लिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया के जरिए निवेश के नाम पर ठगी की घटनाएँ देश भर में तेज़ी से बढ़ रही हैं।
मामले की आगे की जाँच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या और पीड़ित हैं।