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केपीएससी घोटाला: आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार आज बेंगलुरु कोर्ट में पेश, सीआईडी माँग सकती है 14 दिन की कस्टडी

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केपीएससी घोटाला: आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार आज बेंगलुरु कोर्ट में पेश, सीआईडी माँग सकती है 14 दिन की कस्टडी

सारांश

केपीएससी भर्ती घोटाले में गिरफ्तार आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार आज बेंगलुरु कोर्ट में पेश होंगे — सीआईडी 14 दिन की कस्टडी माँग सकती है। साथ ही BJP नेता बसवराज कन्नाले के घर छापेमारी हुई, जो दिल्ली में पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। जाँच का दायरा चार भर्ती परीक्षाओं और पूर्व केपीएससी चेयरमैन तक फैल सकता है।

मुख्य बातें

आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को 31 अगस्त को बेंगलुरु की एसीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा; सीआईडी 14 दिन की पुलिस कस्टडी माँग सकती है।
कुमार को 28-29 अगस्त को विस्तृत पूछताछ के बाद केपीएससी में वेटनरी अधिकारी भर्ती में कथित गड़बड़ियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
BJP नेता बसवराज कन्नाले को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया; उनके बीदर जिले के डोनागापुरा गाँव स्थित घर पर सीआईडी ने तलाशी ली।
सीआईडी ओएमआर शीट हेरफेर, मूल्यांकन गड़बड़ियों और होटल-रिसॉर्ट में उम्मीदवारों की कथित ट्रेनिंग की जाँच कर रही है।
जाँच के दायरे में पिछले तीन वर्षों की चार भर्ती परीक्षाएँ और केपीएससी के पूर्व चेयरमैन शिवशंकरप्पा साहूकार शामिल हो सकते हैं।

कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती घोटाले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को सोमवार, 31 अगस्त को बेंगलुरु की अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ अपराध जाँच विभाग (सीआईडी) आगे की पूछताछ के लिए 14 दिन की पुलिस कस्टडी की माँग कर सकती है। इसी बीच, सीआईडी ने बीदर जिले के भल्की तालुक के डोनागापुरा गाँव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता बसवराज कन्नाले के आवास पर तलाशी ली है।

मुख्य घटनाक्रम

केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक रहे ज्ञानेंद्र कुमार को वेटनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में 28 और 29 अगस्त को देर रात तक चली विस्तृत पूछताछ के बाद सीआईडी ने गिरफ्तार किया था। उन्हें बेंगलुरु की फर्स्ट एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें 31 अगस्त को खुली अदालत में प्रस्तुत किया जाए।

जाँचकर्ता उनके बयानों में कथित विसंगतियों और उन साक्ष्यों की जाँच कर रहे हैं जो ओएमआर आंसर शीट में हेरफेर में उनकी संभावित भूमिका की ओर इशारा करते हैं।

भाजपा नेता के घर छापेमारी

BJP नेता बसवराज कन्नाले को रविवार को दिल्ली में सीआईडी ने गिरफ्तार किया था। उनके डोनागापुरा गाँव स्थित आवास पर की गई तलाशी, कथित भर्ती नेटवर्क और बिचौलियों की भूमिका से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने की एजेंसी की कोशिशों का हिस्सा बताई जा रही है।

कन्नाले को भर्ती प्रक्रिया में बिचौलिए के तौर पर उनकी कथित भूमिका और उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी दिलाने में उनकी संदिग्ध संलिप्तता के आरोपों में हिरासत में लिया गया है। वे बीदर जिले की भल्की विधानसभा सीट से BJP का टिकट माँग रहे थे और पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं विधायक सी.एन. अश्वथ नारायण के करीबी माने जाते हैं।

जाँच का दायरा

सीआईडी ओएमआर आंसर शीट में हेरफेर, मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ियों और उम्मीदवारों की भर्ती में अधिकारियों व बिचौलियों की कथित भूमिका की जाँच कर रही है। एजेंसी उस मामले की भी जाँच कर रही है जिसमें कथित भर्ती प्रक्रिया के तहत चुने गए उम्मीदवारों को होटलों और रिसॉर्ट्स में प्रशिक्षण दिया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, जाँचकर्ताओं ने पिछले तीन वर्षों में आयोजित चार भर्ती परीक्षाओं की जानकारी जुटाई है — ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और वेटनरी अधिकारी भर्ती परीक्षा। जाँच का दायरा केपीएससी के पूर्व चेयरमैन शिवशंकरप्पा साहूकार, अन्य अधिकारियों और आयोग से जुड़े लोगों तक भी बढ़ सकता है।

आगे क्या होगा

सोमवार को कुमार की कस्टडी पर अदालत में सुनवाई होनी है। एक कथित बिचौलिए की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। ऐसे में जाँचकर्ताओं द्वारा केपीएससी भर्ती में कथित अनियमितताओं में अधिकारियों, उम्मीदवारों और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की जाँच और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित तंत्र का हिस्सा हो सकता है। चिंताजनक यह है कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, एक राजनीतिक दलाल और एक पूर्व आयोग अध्यक्ष — तीनों एक ही जाँच के दायरे में हैं, जो संस्थागत मिलीभगत की ओर इशारा करता है। कर्नाटक में यह पहला ऐसा मामला नहीं है जहाँ सार्वजनिक भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे हों, लेकिन इस बार जाँच की व्यापकता और राजनीतिक संपर्कों की मौजूदगी इसे अधिक गंभीर बनाती है। असली परीक्षा यह होगी कि सीआईडी की जाँच सत्ता के करीबी चेहरों तक पहुँचती है या दबाव में सिमट जाती है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केपीएससी भर्ती घोटाला क्या है?
केपीएससी भर्ती घोटाला कर्नाटक लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है, जिसमें ओएमआर आंसर शीट में हेरफेर, मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी और बिचौलियों के ज़रिये उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी दिलाने के आरोप शामिल हैं। सीआईडी पिछले तीन वर्षों की चार भर्ती परीक्षाओं की जाँच कर रही है।
आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार को क्यों गिरफ्तार किया गया?
ज्ञानेंद्र कुमार केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक रहे हैं और उन पर वेटनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों में भूमिका के आरोप हैं। 28 और 29 अगस्त को देर रात तक चली पूछताछ के बाद सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया, क्योंकि जाँचकर्ताओं को उनके बयानों में कथित विसंगतियाँ मिलीं।
BJP नेता बसवराज कन्नाले की इस मामले में क्या भूमिका बताई जा रही है?
बसवराज कन्नाले पर भर्ती प्रक्रिया में बिचौलिए के तौर पर काम करने और उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी दिलाने में संदिग्ध संलिप्तता के आरोप हैं। उन्हें रविवार को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया और उनके बीदर जिले के घर पर सीआईडी ने तलाशी ली।
सीआईडी कस्टडी पर अदालत में कब सुनवाई होगी?
सोमवार, 31 अगस्त को बेंगलुरु की एसीजेएम कोर्ट में ज्ञानेंद्र कुमार की कस्टडी पर सुनवाई होनी है। सीआईडी आगे की पूछताछ के लिए 14 दिन की पुलिस कस्टडी की माँग कर सकती है।
इस घोटाले में और कौन-कौन जाँच के दायरे में आ सकते हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, जाँच का दायरा केपीएससी के पूर्व चेयरमैन शिवशंकरप्पा साहूकार, अन्य अधिकारियों और आयोग से जुड़े लोगों तक बढ़ सकता है। एजेंसी उन उम्मीदवारों की भी जाँच कर रही है जिन्हें होटलों और रिसॉर्ट्स में कथित रूप से प्रशिक्षण दिया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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