आरएचएफएल बैंक धोखाधड़ी: सीबीआई ने मुंबई में पहली चार्जशीट दाखिल की, ₹3,526 करोड़ के घोटाले में 4 आरोपी नामजद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 9 जुलाई को मुंबई में CBI मामलों के स्पेशल जज के समक्ष रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में 4 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिन पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ₹3,526.35 करोड़ का नुकसान पहुँचाने की आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने का आरोप है।
चार्जशीट में किन्हें बनाया गया आरोपी
नामजद चार आरोपियों में स्वयं रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) कंपनी के अतिरिक्त तीन पूर्व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। पहले हैं रवींद्र सुधालकर, जो RHFL के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीईओ रहे हैं। दूसरे हैं कृष्णन गोपालकृष्णन अय्यर, जो RHFL के पूर्व चीफ रिस्क ऑफिसर थे। तीसरे हैं धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी, जो रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व चीफ क्रेडिट एवं रिस्क ऑफिसर रहे हैं।
इनमें से रवींद्र सुधालकर और RHFL के पूर्व डायरेक्टर अमित बापना को CBI पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।
मुख्य आरोप: फंड डायवर्जन और नियमों का उल्लंघन
CBI की जांच के अनुसार, RHFL द्वारा बैंकों से लिए गए ऋण की राशि को बिचौलियों और शेल कंपनियों के माध्यम से रिलायंस ADA ग्रुप की विभिन्न कंपनियों में डायवर्ट किया गया। इस प्रक्रिया में ऋण की शर्तों और नियामकीय नियमों का खुला उल्लंघन किया गया, जिससे ऋणदाता बैंकों को अवैध नुकसान हुआ और आरोपी व्यक्तियों तथा संबंधित कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचा।
यह मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और एक कंसोर्टियम के 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों पर दर्ज किया गया था। कंसोर्टियम के इन बैंकों को कुल मिलाकर ₹3,526.35 करोड़ का नुकसान हुआ बताया गया है।
रिलायंस ADA ग्रुप मामलों में तीसरी चार्जशीट
गौरतलब है कि यह RHFL चार्जशीट रिलायंस ADA ग्रुप से जुड़े मामलों में CBI की तीसरी चार्जशीट है। इससे पहले CBI ने 29 मई को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट और 7 जुलाई को रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल की थी।
CBI ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और LIC की शिकायतों के आधार पर रिलायंस ग्रुप की चार कंपनियों — RCom, RHFL, RCFL और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) — के खिलाफ कुल 7 FIR दर्ज की हैं।
आगे की जांच और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी
जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अन्य निदेशकों, कंपनियों और सरकारी अधिकारियों की संभावित भूमिका की जांच अभी जारी है। भविष्य में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किए जाने की भी संभावना है। उल्लेखनीय है कि इन सभी मामलों की जांच की निगरानी स्वयं सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है, जो इस मामले की गंभीरता और व्यापकता को रेखांकित करता है।