सूरत साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन: वजन घटाने-त्वचा इलाज के नाम पर देशव्यापी ठगी में 5 गिरफ्तार, ₹21 करोड़ से अधिक के लेनदेन उजागर
सारांश
मुख्य बातें
सूरत शहर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने वजन घटाने और त्वचा उपचार के नाम पर देशभर की महिलाओं को ठगने वाले एक संगठित रैकेट का 29 अक्टूबर 2026 को भंडाफोड़ किया और पाँच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इस रैकेट से जुड़ी कंपनियों के बैंक खातों एवं डिजिटल पेमेंट गेटवे में ₹21 करोड़ से अधिक के लेनदेन दर्ज हुए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
मामले की शुरुआत एक महिला की शिकायत से हुई, जिसमें उसने बताया कि व्हाट्सएप पर 'डॉ. आकाश मल्होत्रा' बनकर किसी व्यक्ति ने उससे त्वचा की समस्याओं के बारे में जानकारी ली और 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' के क्यूआर कोड पर ₹8,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। भुगतान करने के बाद महिला को त्वचा की दवाओं के बजाय वजन घटाने का उत्पाद भेज दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने उससे त्वचा दवाओं के नाम पर ₹9,000 अतिरिक्त वसूल लिए, जबकि पहले के ₹8,000 भी नहीं लौटाए गए। सूरत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई।
रैकेट का तरीका और विस्तार
जाँच में पता चला कि आरोपी 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस', 'वैदिक वर्ल्ड', 'दिव्या अंतरा वेलनेस एलएलपी' और 'ग्लोजेनिक स्किन केयर' जैसी एकाधिक कंपनियों की आड़ में काम करते थे। ये सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन चलाकर ग्राहकों को उत्पाद की प्रभावशीलता का झूठा आश्वासन देते थे।
पुलिस के अनुसार, ग्राहकों को बताया जाता था कि डिलीवरी मानक कूरियर कंपनियों के ज़रिए होगी, लेकिन वास्तव में कंपनी के अपने कर्मचारियों को दिल्ली से हवाई जहाज या ट्रेन के ज़रिए भेजा जाता था। वे कूरियर कर्मचारियों का भेष धरकर ग्राहकों के दरवाज़े पर पहुँचते और नकद भुगतान वसूलते थे।
कॉल सेंटर पर छापा और गिरफ्तारी
तकनीकी जाँच के बाद पुलिस ने पहले सूरत में जाल बिछाकर 'राहुल राज' के नाम से काम करने वाले एक कूरियर कर्मचारी को पकड़ा। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस हरियाणा के गुरुग्राम स्थित कंपनी के कॉल सेंटर तक पहुँची और छापा मारा। बताया जा रहा है कि इस केंद्र में लगभग 160 लोग कार्यरत थे, जिनमें टेली-कॉलर, सलाहकार और कूरियर कर्मचारी शामिल थे।
गिरफ्तार पाँच आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: 31 वर्षीय अमित गौरव, जो 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' और 'ग्लोजेनिक स्किन केयर' के डायरेक्टर हैं; 30 वर्षीय पंकज, जो 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' और 'दिव्या अंतरा वेलनेस एलएलपी' के डायरेक्टर हैं; 43 वर्षीय रूपेश कुमार और 43 वर्षीय पुनीत कुमार, दोनों 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' में पार्टनर; तथा 24 वर्षीय दीपक कुमार, जो कंपनी में मैनेजर के रूप में कार्यरत थे। ये आरोपी दिल्ली, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जबकि पुनीत कुमार मूलतः पंजाब के हैं।
आर्थिक घोटाले का दायरा
जाँच में सामने आया कि इन कंपनियों के विभिन्न बैंक खातों में बड़े पैमाने पर लेनदेन हुआ। पुलिस के अनुसार, 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' के IDFC फर्स्ट बैंक खाते में 1 जनवरी से 29 जून 2026 के बीच ₹6.99 करोड़ जमा हुए। इसी कंपनी के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में 7 अप्रैल 2025 से 29 जून 2026 के बीच ₹6.58 करोड़ आए। इसके अलावा रेजरपे मर्चेंट अकाउंट के ज़रिए ₹8.30 करोड़ का लेनदेन दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि जाँच में 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' द्वारा सूरत की एक अन्य महिला के साथ कथित तौर पर ₹1,77,40,500 (लगभग ₹1.77 करोड़) की पूर्व धोखाधड़ी का भी खुलासा हुआ।
आगे की जाँच और कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पिछले संबंधित मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन इस पूरे रैकेट के मुख्य सूत्रधार उस बार बचने में सफल रहे थे। अब पाँच और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ जाँच का दायरा और विस्तृत हो गया है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में और अभियुक्तों की तलाश जारी है तथा रैकेट के पूरे नेटवर्क का खुलासा करना अभी भी जाँच का प्रमुख उद्देश्य है।