सेंसेक्स 472 अंक टूटा, निफ्टी 24,221 पर; मध्य पूर्व तनाव से फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 20 जुलाई को सुबह 9:15 बजे IST पर 472 अंक (0.62%) की गिरावट के साथ 77,672 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 122 अंक (0.50%) लुढ़ककर 24,221 पर आ गया। मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया और भारतीय बाज़ार पर सीधा दबाव डाला।
किन सेक्टर्स पर सबसे ज़्यादा असर
शुरुआती कारोबार में बिकवाली का नेतृत्व वित्तीय शेयरों ने किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे अधिक दबाव में रहे। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी इंडिया डिफेंस भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
दूसरी ओर, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी इन्फ्रा हरे निशान में बने रहे — यह संकेत देते हुए कि कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उछाल की आशंका से एनर्जी और कमोडिटी शेयरों को सीमित समर्थन मिला।
प्रमुख गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, ट्रेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) बढ़त में रहे।
वहीं, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, मारुति सुज़ुकी, बजाज फाइनेंस, इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), बीईएल और बजाज फिनसर्व नुकसान में रहे।
मध्य पूर्व संकट: बाज़ार गिरावट की असली वजह
विश्लेषकों के अनुसार भारतीय बाज़ारों पर दबाव की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा ईरान पर जारी सैन्य कार्रवाई है। यूएस सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने 'हमलों का एक नया दौर' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाज़ों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को 'कमज़ोर' करना है।
गौरतलब है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 20% वहन करता है। इस रास्ते के बाधित होने की आशंका मात्र से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंताएँ गहरा जाती हैं। ईरानी मीडिया ने कथित तौर पर दावा किया है कि अमेरिकी मिसाइलों ने कुछ ईरानी शहरों को निशाना बनाया है, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वैश्विक बाज़ारों का हाल
एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला रुझान देखा गया। शंघाई, हांगकांग और जकार्ता हरे निशान में थे, जबकि बैंकॉक और सोल लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाज़ार भी दबाव में बंद हुए — डाओ जोन्स 0.77% और नैस्डैक 1.40% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ार पहले से ही अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा को लेकर अनिश्चितता में थे। मध्य पूर्व के इस नए भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को और तेज़ कर दिया है।
मिडकैप और स्मॉलकैप का रुझान
छोटे और मझोले शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट 62,424 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 10 अंक की मामूली गिरावट के साथ 19,287 पर था — यह दर्शाता है कि व्यापक बाज़ार में घबराहट अपेक्षाकृत नियंत्रित रही। आगे के कारोबारी सत्रों में मध्य पूर्व की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा बाज़ार की चाल तय करेगी।