21 जुलाई 2026
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सेंसेक्स 472 अंक टूटा, निफ्टी 24,221 पर; मध्य पूर्व तनाव से फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली

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सेंसेक्स 472 अंक टूटा, निफ्टी 24,221 पर; मध्य पूर्व तनाव से फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली

सारांश

मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान सैन्य टकराव के नए दौर ने सोमवार को भारतीय बाज़ार को हिला दिया — सेंसेक्स 472 अंक टूटा, फाइनेंशियल शेयर सबसे ज़्यादा दबाव में। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले दुनिया के 20% कच्चे तेल की आपूर्ति पर मंडराता खतरा असली चिंता है।

मुख्य बातें

सेंसेक्स सोमवार सुबह 9:15 बजे IST पर 472 अंक (0.62%) गिरकर 77,672 पर खुला।
निफ्टी 50 इंडेक्स 122 अंक (0.50%) की कमज़ोरी के साथ 24,221 पर था।
निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सर्वाधिक गिरने वाले सूचकांक रहे।
यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान पर 'हमलों का नया दौर' शुरू करने की पुष्टि की; हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से वैश्विक कच्चे तेल का 20% गुज़रता है।
निफ्टी मिडकैप 100 सपाट 62,424 पर; निफ्टी स्मॉलकैप 100 10 अंक गिरकर 19,287 पर।
शुक्रवार को डाओ जोन्स 0.77% और नैस्डैक 1.40% गिरावट के साथ बंद हुए थे।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 20 जुलाई को सुबह 9:15 बजे IST पर 472 अंक (0.62%) की गिरावट के साथ 77,672 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 122 अंक (0.50%) लुढ़ककर 24,221 पर आ गया। मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया और भारतीय बाज़ार पर सीधा दबाव डाला।

किन सेक्टर्स पर सबसे ज़्यादा असर

शुरुआती कारोबार में बिकवाली का नेतृत्व वित्तीय शेयरों ने किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे अधिक दबाव में रहे। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी इंडिया डिफेंस भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

दूसरी ओर, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी इन्फ्रा हरे निशान में बने रहे — यह संकेत देते हुए कि कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उछाल की आशंका से एनर्जी और कमोडिटी शेयरों को सीमित समर्थन मिला।

प्रमुख गेनर्स और लूज़र्स

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, ट्रेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) बढ़त में रहे।

वहीं, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, मारुति सुज़ुकी, बजाज फाइनेंस, इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), बीईएल और बजाज फिनसर्व नुकसान में रहे।

मध्य पूर्व संकट: बाज़ार गिरावट की असली वजह

विश्लेषकों के अनुसार भारतीय बाज़ारों पर दबाव की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा ईरान पर जारी सैन्य कार्रवाई है। यूएस सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने 'हमलों का एक नया दौर' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाज़ों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को 'कमज़ोर' करना है।

गौरतलब है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 20% वहन करता है। इस रास्ते के बाधित होने की आशंका मात्र से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंताएँ गहरा जाती हैं। ईरानी मीडिया ने कथित तौर पर दावा किया है कि अमेरिकी मिसाइलों ने कुछ ईरानी शहरों को निशाना बनाया है, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

वैश्विक बाज़ारों का हाल

एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला रुझान देखा गया। शंघाई, हांगकांग और जकार्ता हरे निशान में थे, जबकि बैंकॉक और सोल लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाज़ार भी दबाव में बंद हुए — डाओ जोन्स 0.77% और नैस्डैक 1.40% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ार पहले से ही अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा को लेकर अनिश्चितता में थे। मध्य पूर्व के इस नए भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को और तेज़ कर दिया है।

मिडकैप और स्मॉलकैप का रुझान

छोटे और मझोले शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट 62,424 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 10 अंक की मामूली गिरावट के साथ 19,287 पर था — यह दर्शाता है कि व्यापक बाज़ार में घबराहट अपेक्षाकृत नियंत्रित रही। आगे के कारोबारी सत्रों में मध्य पूर्व की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा बाज़ार की चाल तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका सीधा असर रुपये और ब्याज दरों की दिशा पर पड़ेगा। विडंबना यह है कि निफ्टी ऑयल एंड गैस और एनर्जी सूचकांक हरे निशान में हैं — बाज़ार खुद ही बता रहा है कि असली दांव कहाँ लगा है। फाइनेंशियल सेक्टर की बिकवाली एक व्यापक 'जोखिम से बचो' रणनीति का हिस्सा है, जो तब तक जारी रह सकती है जब तक मध्य पूर्व में स्थिति स्पष्ट नहीं होती।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी कितना गिरे?
सोमवार, 20 जुलाई को सुबह 9:15 बजे IST पर सेंसेक्स 472 अंक (0.62%) गिरकर 77,672 पर और निफ्टी 50 इंडेक्स 122 अंक (0.50%) गिरकर 24,221 पर खुला। यह गिरावट मुख्यतः मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण आई।
भारतीय शेयर बाज़ार आज क्यों गिरा?
अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य हमलों के नए दौर और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया। हॉर्मुज़ से दुनिया के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 20% गुज़रता है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने का डर बना हुआ है।
किन सेक्टर्स में आज सबसे ज़्यादा बिकवाली हुई?
निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सर्वाधिक दबाव में रहे। निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी इंडिया डिफेंस भी लाल निशान में थे, जबकि एनर्जी, मेटल और फार्मा सूचकांक हरे निशान में बने रहे।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का भारतीय बाज़ार से क्या संबंध है?
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक कच्चे तेल व्यापार का एक अहम रास्ता है, जिससे दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुज़रता है। भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के ज़रिये पूरा करता है, इसलिए इस रास्ते में किसी भी व्यवधान से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव आ सकता है।
आज के कारोबार में कौन से शेयर बढ़त में रहे?
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, SBI, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, ट्रेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और L&T बढ़त में रहे। एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस समेत अन्य वित्तीय शेयर नुकसान में रहे।
राष्ट्र प्रेस
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