<b>ईरान का अल्टीमेटम: खाड़ी देशों के होटलों को अमेरिकी सैनिकों को ठहराने पर दी चेतावनी</b>
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने खाड़ी देशों के होटलों को अल्टीमेटम दिया है।
- अमेरिकी सैनिकों को ठहराना होटलों के लिए खतरा बन सकता है।
- संघर्ष 28 फरवरी से जारी है।
- ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है।
- रिपोर्ट्स में नागरिक स्थलों पर अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी का उल्लेख है।
तेहरान, २७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के होटल मालिकों को एक 'अल्टीमेटम' दिया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि वे अमेरिकी सैनिकों को ठहराते हैं, तो उनकी संपत्तियां वैध सैन्य लक्ष्य बन सकती हैं।
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' की खबर के अनुसार, ईरानी हमलों और सहयोगी उग्रवादी समूहों के साथ संयुक्त कार्यवाही के बाद अमेरिकी सेना ने क्षेत्रीय होटलों में शरण ली है। इन हमलों में मध्य पूर्व के विभिन्न स्थानों में अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया था।
इसके अतिरिक्त, समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के अनुसार, यह चेतावनी उन सभी स्थानों पर लागू होती है जो विदेशी सैनिकों को आश्रय देते हैं, और यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहती हैं, तो यह चेतावनी तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अमेरिकी सैनिकों ने पूरे क्षेत्र में कई नागरिक स्थलों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इनमें बेरूत के पुराने एयरपोर्ट के पास एक लॉजिस्टिक्स बेस, और दमिश्क के 'रिपब्लिक पैलेस', 'फोर सीजन्स', और 'शेरेटन' होटलों में चल रही सलाहकार गतिविधियां शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह अमेरिकी मरीन सैनिकों को इस्तांबुल और सोफिया के रास्ते जिबूती अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भेजा गया है।
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने खाड़ी अरब देशों के होटलों को अमेरिकी सैनिकों को आश्रय न देने की चेतावनी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सैनिक अपने ठिकानों से भागकर नागरिक स्थलों को अपनी सुरक्षा का ढाल बना रहे हैं।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इस युद्ध की शुरुआत से ही, अमेरिकी सैनिक जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) के सैन्य ठिकानों से भागकर होटलों और दफ्तरों में छिप गए हैं। वे जीसीसी के नागरिकों को 'मानव ढाल' के रूप में उपयोग कर रहे हैं।"
उन्होंने इस स्थिति की तुलना अमेरिका के होटलों से की, जहां उनके अनुसार, ऐसे अधिकारियों को बुकिंग देने से मना कर दिया जाता है जिनसे ग्राहकों को खतरा हो सकता है। उन्होंने खाड़ी के होटलों से भी इसी तरह की नीति अपनाने की अपील की।
गौरतलब है कि ईरान और इजरायल व अमेरिका के बीच २८ फरवरी से संघर्ष जारी है। इजरायल और अमेरिका एक साथ ईरान पर हमले कर रहे हैं। इन हमलों में अब तक ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर और हजारों आम नागरिक मारे गए हैं। हालाँकि, ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की जा रही है।