1975 आपातकाल की 50वीं बरसी: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना, जेल-यातनाओं का किया उल्लेख
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल की बरसी से एक दिन पहले, 24 जून 2026 को, कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने आरोप लगाया कि उस दौर में लोकतंत्र का गला घोंटा गया, प्रेस की आज़ादी कुचली गई और लाखों नागरिकों को बिना मुकदमे के जेलों में ठूँसा गया।
मुख्य घटनाक्रम
हिमाचल भाजपा के सह-इंचार्ज संजय टंडन ने कहा कि 25 जून का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक 'काला दिवस' है। उन्होंने कहा, 'इस दिन एक फरमान जारी कर प्रेस को दबा दिया गया, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के आवाज़ उठाने वाले लोगों को पकड़कर जेलों में भर दिया गया।' टंडन के अनुसार, मीसा (MISA) के तहत राजनीतिक व्यक्तियों को 19 महीने तक जेल में रखा गया और जबरन नसबंदियाँ भी की गईं।
टंडन ने यह भी कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया था। उनके अनुसार, गांधी के पास विकल्प था कि वे पद छोड़कर सर्वोच्च न्यायालय में अपना मुकदमा लड़तीं, किंतु इसके बजाय उन्होंने आपातकाल की घोषणा कर दी और संविधान में संशोधन करके राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के चुनावों को न्यायिक समीक्षा से परे कर दिया।
नकवी का बयान
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 25 जून की आधी रात को 'कुर्सी बचाने के लिए संविधान की हत्या करने की कोशिश की गई थी।' उन्होंने यह भी दावा किया कि वे स्वयं 17 वर्ष की आयु में जेल में बंद थे। नकवी के अनुसार, 'लाखों लोगों को जेल में डाला गया और लाखों लोगों की हत्या कर दी गई।' उन्होंने कांग्रेस से माँग की कि जो नेता आज संविधान लेकर घूमते हैं, वे देश से माफी माँगें।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद के हस्ताक्षर से आपातकाल की घोषणा करवाई थी, जो 21 महीने तक — मार्च 1977 तक — जारी रही। यह भारत के संसदीय इतिहास का सबसे विवादास्पद अध्याय माना जाता है। मीसा (आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम) के तहत हज़ारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बिना मुकदमे के हिरासत में लिया गया था।
कांग्रेस पर भाजपा का राजनीतिक हमला
भाजपा नेताओं का यह हमला ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस लगातार संविधान की रक्षा को अपना प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना रही है। टंडन ने कहा, 'लोकतंत्र की हत्या करना कांग्रेस पार्टी की बुनियाद ही रही है।' आलोचकों का कहना है कि भाजपा हर साल इस तारीख का उपयोग कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने के लिए करती है।
आगे क्या
25 जून 2026 को आपातकाल की बरसी पर देशभर में भाजपा और उसके सहयोगी दल 'संविधान बचाओ दिवस' या 'लोकतंत्र बचाओ दिवस' के रूप में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी में हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।