गुजरात विधानसभा ने अवैध संपत्ति हस्तांतरण विधेयक को किया पास, संगीता पाटिल ने हिंदू परिवारों की सुरक्षा की बात की
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात विधानसभा ने अवैध संपत्ति हस्तांतरण विधेयक को पास किया।
- भाजपा विधायक संगीता पाटिल ने इसे हिंदू परिवारों के लिए जरूरी बताया।
- विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के बीच संपत्ति के सुरक्षित हस्तांतरण को सुनिश्चित करना है।
- संगीता पाटिल ने सवाल उठाया कि एक मुस्लिम परिवार हिंदू परिवारों के बीच सुरक्षित क्यों नहीं रह सकता।
- यह विधेयक समाज में संभावित विभाजन का कारण बन सकता है।
सूरत, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात विधानसभा ने अवैध संपत्ति हस्तांतरण पर रोक लगाने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी है। भाजपा विधायक संगीता पाटिल ने इसे एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने इस संदर्भ में यह प्रश्न उठाया कि जब लगभग ५०० हिंदू परिवारों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रह सकता है, तो ५०० मुस्लिम परिवारों के बीच एक हिंदू परिवार सुरक्षित क्यों नहीं रह सकता?
भाजपा विधायक संगीता पाटिल ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "विधानसभा में संपत्ति हस्तांतरण विधेयक पर चर्चा हुई। समाज में कुछ असामाजिक तत्व मौजूद हैं, जो फाइल पास करवा कर संपत्ति का निपटारा कर देते हैं। कई लोग किराए पर दुकान या घर लेते हैं, और फिर कोई नया किराएदार आता है, जो वही काम करता है। इस प्रकार, पूरी सोसायटी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की हो जाती है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं किसी का विरोध नहीं कर रही, लेकिन हमारे हिंदू भाई शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। भाजपा विधायक ने कहा, "पहले मारूतीनगर, पद्मावतीनगर, बुद्ध सोसायटी, भावना पार्क सोसायटी और अंबिकानगर जैसी कई सोसायटियों में हिंदू जनसंख्या अधिक थी, लेकिन अब यहाँ मुस्लिम समुदाय के लोग आ गए हैं। यहाँ पर केवल एक-दो हिंदू परिवार बचे हैं, जो अपनी संपत्ति बेचकर जाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें भी परेशान किया जा रहा है। जो परिवार जाना चाहते हैं, उन्हें भी अनुमति मिलनी चाहिए।"
संगीता पाटिल ने कहा, "मैंने यह भी कहा कि जब एक मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति एक सोसायटी में आता है और एक मकान किराए पर लेता है, तो उसके बाद वहाँ कई अन्य मुस्लिम लोग आकर रहने लगते हैं, जिससे एक प्रथा विकसित हो जाती है। इससे अल्पसंख्यकों का पूरा नगर बस जाता है, जो उचित नहीं है। इसलिए हिंदू को हिंदू को ही मकान बेचना चाहिए और मुस्लिम को मुस्लिम को ही। यदि किसी हिंदू का मकान कोई मुस्लिम लेता है, तो हमें इससे समस्या है। इसलिए हमने अपने क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में उठाया।"