फेम इंडिया 'बेस्ट डीएम 2026' सर्वे: 100 जिला मजिस्ट्रेट चयनित, 25 को मिलेगी पत्रिका में विशेष जगह

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फेम इंडिया 'बेस्ट डीएम 2026' सर्वे: 100 जिला मजिस्ट्रेट चयनित, 25 को मिलेगी पत्रिका में विशेष जगह

सारांश

फेम इंडिया मैगजीन ने देश के लगभग 800 जिलों में सर्वेक्षण के बाद 100 जिला मजिस्ट्रेटों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चिह्नित किया है। 10 मानकों पर आधारित इस वार्षिक सर्वे में 25 सर्वश्रेष्ठ डीएम को 2026 विशेष संस्करण में प्रमुख स्थान मिलेगा — जो 2011 से चली आ रही इस परंपरा का नवीनतम अध्याय है।

मुख्य बातें

फेम इंडिया मैगजीन ने 'बेस्ट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट्स 2026' सर्वे में देशभर के 100 जिला मजिस्ट्रेटों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चिह्नित किया।
इनमें से 25 सर्वाधिक विशिष्ट अधिकारियों को पत्रिका के 2026 विशेष संस्करण में प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा।
सर्वेक्षण एशिया पोस्ट एजेंसी के सहयोग से देश के लगभग 800 जिलों में 10 मानकों के आधार पर किया गया।
मूल्यांकन में जनता, जनप्रतिनिधियों (सत्ता व विपक्ष दोनों) और सचिव स्तर के नौकरशाहों की राय शामिल की गई।
यह वार्षिक सर्वेक्षण वर्ष 2011 से आयोजित हो रहा है और अधिकारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

फेम इंडिया मैगजीन ने अपने बहुप्रतीक्षित 'बेस्ट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट्स 2026' सर्वेक्षण के प्रारंभिक निष्कर्षों में देशभर के 100 जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) को उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रदर्शन के लिए चिह्नित किया है। इनमें से 25 सर्वाधिक विशिष्ट अधिकारियों को पत्रिका के 2026 संस्करण की विशेष सूची में प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा। यह सर्वेक्षण एशिया पोस्ट एजेंसी के सहयोग से देश के लगभग 800 जिलों में संचालित किया गया।

सर्वेक्षण की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

फेम इंडिया का यह वार्षिक सर्वेक्षण पहली बार वर्ष 2011 में शुरू हुआ था और तब से यह प्रत्येक वर्ष आयोजित होता आ रहा है। इसका मूल उद्देश्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जनसेवा में असाधारण नेतृत्व का प्रदर्शन करने वाले जिला मजिस्ट्रेटों और डिप्टी कमिश्नरों को सम्मानित करना है। पत्रिका के अनुसार, यह पहल उन अधिकारियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाती है जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

गौरतलब है कि जिला मजिस्ट्रेट किसी भी जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होते हैं और केंद्र तथा राज्य सरकारों की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की प्राथमिक जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है।

मूल्यांकन की प्रक्रिया और मानक

फेम इंडिया मैगजीन के प्रबंध संपादक अनिल सिंह ने बताया कि किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले जमीनी स्तर पर विस्तृत और व्यापक अभ्यास किए जाते हैं। उन्होंने कहा, 'जनता की राय से लेकर जनप्रतिनिधियों और नेताओं — चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के — सभी के विचार संबंधित डीएम के प्रदर्शन और विशिष्ट सेवा का आकलन करने में शामिल किए जाते हैं।'

सिंह ने आगे बताया कि बाद के चरण में विशेष सर्वेक्षण भी कराए जाते हैं, जिनमें सचिव स्तर के वरिष्ठ नौकरशाहों से संबंधित डीएम के कार्यों पर राय और फीडबैक लिया जाता है। यह सर्वेक्षण 10 मानकों पर आधारित था — उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी शासन, दूरदृष्टि और नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, संकट प्रबंधन कौशल, संवेदनशीलता, पारस्परिक कौशल, जनसंपर्क एवं संवाद क्षमता, तथा विकासोन्मुख सोच।

चयनित 100 जिला मजिस्ट्रेटों की राज्यवार सूची

आंध्र प्रदेश: ए. तमीम अंसारिया (गुंटूर), जी. लक्ष्मीश (एनटीआर जिला), डीके बालाजी (कृष्णा)।

असम: अनामिका तिवारी (मोरीगांव), बिक्रम कैरी (डिब्रूगढ़), सुमित सत्तावन (तिनसुकिया), स्वप्नील पॉल (कामरूप मेट्रोपॉलिटन)।

उत्तर प्रदेश: अंजनी कुमार सिंह (मैनपुरी), अस्मिता लाल (बागपत), अविनाश सिंह (बरेली), राजेंद्र पेंसिया (संभल), रविन्द्र कुमार (आजमगढ़), विजय कुमार सिंह (मेरठ), विशाख जी अय्यर (लखनऊ), सत्येंद्र कुमार (वाराणसी)।

उत्तराखंड: नितिन सिंह भदौरिया (ऊधम सिंह नगर), प्रशांत आर्य (उत्तरकाशी), मयूर दीक्षित (हरिद्वार), ललित मोहन रयाल (नैनीताल), विशाल मिश्रा (रुद्रप्रयाग)।

ओडिशा: अमृत रुतुराज (खोरधा), दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे (कटक), वी. कीर्ति वासन (गंजाम), सुभंकर मोहापात्र (सुंदरगढ़)।

कर्नाटक: जगदीश जी (बेंगलुरु अर्बन), दर्शन एच वी (दक्षिण कन्नड़), स्वरूपा टीके (उडुपी)।

केरल: अनु कुमारी (तिरुवनंतपुरम), जी. प्रियंका (कोच्चि), प्रेम कृष्णन एस (पथानमथिट्टा)।

छत्तीसगढ़: गौरव कुमार सिंह (रायपुर), दिव्या उमेश मिश्रा (बालोद), संबित मिश्रा (बीजापुर)।

झारखंड: आदित्य रंजन (धनबाद), दिनेश कुमार यादव (गढ़वा), मंजूनाथ भजन्त्री (रांची), रवि आनंद (जामताड़ा), आर. रोनिता (खूंटी), हेमंत सती (साहिबगंज)।

तमिलनाडु: डी. स्नेहा (कांचीपुरम), पवनकुमार जी गिरियप्पनवार (कोयंबटूर), रश्मि सिद्धार्थ जागड़े (चेन्नई)।

तेलंगाना: मिक्किलिनेनी मनु चौधरी (मेदचल-मल्काजगिरी), हरिचंदना दासरी (हैदराबाद), सी. नारायण रेड्डी (रंगारेड्डी)।

त्रिपुरा: चांदनी चंद्रन (नॉर्थ त्रिपुरा), रिंकू लाथर (गोमती), विशाल कुमार (वेस्ट त्रिपुरा)।

पश्चिम बंगाल: पी. दीपप प्रिया (हावड़ा), पोन्नामबलम एस (पश्चिम बर्धमान), हरिशंकर पैनिकर (दार्जिलिंग), शिल्पा गौरसिरिया (उत्तर 24 परगना)।

पंजाब: आशिका जैन (होशियारपुर), कोमल मित्तल (मोहाली), दीपशिखा शर्मा (फिरोजपुर), हिमांशु अग्रवाल (जालंधर)।

बिहार: आनंद शर्मा (मधुबनी), उदिता सिंह (रोहतास), दीपेश कुमार (सहरसा), डॉ. थियागराजन एस.एम. (पटना), वैभव श्रीवास्तव (सारण), विवेक रंजन मैत्रेय (सीवान), शशांक शुभंकर (गया), सुब्रत कुमार सेन (मुजफ्फरपुर)।

मणिपुर: धरुन कुमार एस (चुराचंदपुर), मयांग्लाम्बम राजकुमार (इम्फाल वेस्ट)।

मध्य प्रदेश: कौशलेंद्र विक्रम सिंह (भोपाल), रजनी सिंह (नरसिंहपुर), राघवेंद्र सिंह (जबलपुर), सतीश कुमार एस (सतना), शिवम वर्मा (इंदौर)।

महाराष्ट्र: अमोल जगन्नाथ येडगे (कोल्हापुर), आयुष प्रसाद (नासिक), जितेंद्र डूडी (पुणे), किशन नारायणराव जावले (रायगढ़), सौरभ कटियार (मुंबई उपनगरीय)।

मेघालय: अभिनव कुमार सिंह (वेस्ट जयंतिया), विभोर अग्रवाल (वेस्ट गारो हिल्स), रोसेटा मैरी कुर्बाह (ईस्ट खासी हिल्स)।

राजस्थान: अंकित (डूंगरपुर), अलोक रंजन (चित्तौड़गढ़), अरुण गर्ग (झुंझुनूं), जितेंद्र कुमार सोनी (जयपुर), टीना डाबी (बाड़मेर), मुकुल शर्मा (सीकर)।

हरियाणा: अजय कुमार (गुरुग्राम), आयुष सिन्हा (फरीदाबाद), नेहा सिंह (सोनीपत), सतपाल शर्मा (पंचकुला)।

हिमाचल प्रदेश: अनुपम कश्यप (शिमला), अपूर्व देवगन (मंडी), गंधर्वा राठौड़ (हमीरपुर), मनमोहन शर्मा (सोलन), हेमराज बैरवा (कांगड़ा)।

एजीएमयूटी कैडर: अंकित यादव (नॉर्थ गोआ), लक्ष्य सिंघल (दक्षिण दिल्ली), मेकला चैतन्य प्रसाद (दक्षिण-पश्चिम दिल्ली), विशाखा यादव (कुरुंग कुमे, अरुणाचल), सलोनी राय (उधमपुर/उत्तरी दिल्ली), सनी कुमार सिंह (नई दिल्ली)।

सर्वे का व्यापक महत्व

फेम इंडिया के प्रबंध संपादक अनिल सिंह के अनुसार, इस तरह के सर्वेक्षण अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जगाते हैं, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं और इसका प्रत्यक्ष लाभ आम नागरिकों को मिलता है। यह ऐसे समय में आया है जब जिला प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हुई है।

पत्रिका ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक चरण में चयनित लगभग 100 अधिकारियों में से कुछ विशिष्ट जिला मजिस्ट्रेटों को आगामी संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अंतिम 25 अधिकारियों की सूची पत्रिका के 2026 विशेष संस्करण में जारी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता तब तक सीमित रहेगी जब तक मूल्यांकन पद्धति और चयन मानकों को सार्वजनिक रूप से पारदर्शी नहीं बनाया जाता। एक निजी पत्रिका द्वारा संचालित रैंकिंग में स्वतंत्र सत्यापन तंत्र का अभाव इसे आधिकारिक सरकारी मूल्यांकन से अलग रखता है। फिर भी, यह तथ्य कि सर्वे में विपक्षी जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नौकरशाहों की राय भी ली जाती है, इसे महज औपचारिक प्रशस्ति से अलग करता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह पहचान जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सुधार को मापने योग्य तरीके से प्रेरित करती है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फेम इंडिया 'बेस्ट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट्स 2026' सर्वे क्या है?
यह फेम इंडिया मैगजीन द्वारा एशिया पोस्ट एजेंसी के सहयोग से देश के लगभग 800 जिलों में कराया गया वार्षिक सर्वेक्षण है, जिसमें 10 प्रशासनिक मानकों के आधार पर उत्कृष्ट जिला मजिस्ट्रेटों की पहचान की जाती है। 2026 संस्करण में 100 डीएम को प्रारंभिक रूप से चयनित किया गया है, जिनमें से 25 को विशेष सूची में स्थान मिलेगा।
इस सर्वे में डीएम का मूल्यांकन किस आधार पर किया जाता है?
मूल्यांकन 10 मानकों पर होता है — जिनमें प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी शासन, नवाचार, जवाबदेही, संकट प्रबंधन और विकासोन्मुख सोच शामिल हैं। जनता, सत्ता व विपक्ष के जनप्रतिनिधियों और सचिव स्तर के वरिष्ठ नौकरशाहों से फीडबैक लिया जाता है।
यह सर्वे कब से आयोजित हो रहा है?
फेम इंडिया का यह सर्वेक्षण वर्ष 2011 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। तब से यह पत्रिका की वार्षिक परंपरा बन चुकी है और अधिकारियों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना जगाने का माध्यम मानी जाती है।
2026 की विशेष सूची में किन राज्यों के डीएम शामिल हैं?
प्रारंभिक सूची में आंध्र प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार, मणिपुर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और एजीएमयूटी कैडर के अधिकारी शामिल हैं।
अंतिम 25 अधिकारियों की सूची कब जारी होगी?
फेम इंडिया मैगजीन के अनुसार, 25 सर्वाधिक विशिष्ट जिला मजिस्ट्रेटों को पत्रिका के आगामी 2026 विशेष संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अंतिम सूची की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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