पहले पीओके खाली करो, तब अमन की बात: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में पाकिस्तान के साथ संवाद की अपील करने वाले संयुक्त पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक पाकिस्तान पाक-अधिकृत कश्मीर (पीओके) खाली नहीं करता, शांति की कोई भी बात बेमानी है। उन्होंने इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले भारतीय नेताओं की मंशा पर भी सवाल उठाए।
117 हस्तियों का संयुक्त पत्र और विवाद
भारत और पाकिस्तान की कुल 117 प्रमुख हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक संयुक्त पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच टकराव की जगह संवाद का रास्ता चुनने की अपील की है। पत्र में दक्षिण एशिया में शांति और विकास के वातावरण पर बल दिया गया है।
भारत की ओर से इस पत्र पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा सहित कई नाम शामिल हैं। पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।
खटाना की तीखी प्रतिक्रिया
सांसद खटाना ने इस पत्र को लेकर कड़े शब्दों में कहा, 'यह कांग्रेस की भारत पर मानसिकता है — हमेशा दुश्मन के साथ खड़े होते हैं। फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती कांग्रेस में से ही निकली पार्टियाँ हैं, ये तो मौत के सौदागर हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की ओर से जिन लोगों का नाम है, उनके हाथ जम्मू-कश्मीर में हुए खून-खराबे से रंगे हुए हैं।
खटाना ने सवाल उठाया कि पहलगाम हमले जैसी घटनाओं के बाद बातचीत और गोली एक साथ कैसे चल सकती है। उन्होंने कहा, 'हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को सबक सिखाया है।' उनका स्पष्ट संदेश था कि पाकिस्तान पहले पीओके खाली करे और वहाँ के लोगों पर अत्याचार बंद करे, तभी शांति की दिशा में कोई कदम संभव है।
द्वारका-वसंत कुंज सुरंग परियोजना पर प्रतिक्रिया
द्वारका-वसंत कुंज छह लेन भूमिगत सुरंग परियोजना पर खटाना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष बेमिसाल रहे हैं। उन्होंने सड़क, रेल, तकनीक, ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में हुए विकास का उल्लेख किया। उनके अनुसार यह परियोजना दिल्ली के यातायात जाम की समस्या को कम करने और राजधानी को स्वच्छ व प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया — खटाना ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है, कठोर कदम उठाए गए हैं और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध अत्यंत तनावपूर्ण हैं और किसी भी द्विपक्षीय वार्ता की संभावना फिलहाल धुंधली दिखती है। खटाना के बयान से स्पष्ट है कि BJP पीओके पर अपने रुख से पीछे हटने के किसी भी संकेत को नकारती है। आने वाले दिनों में इस पत्र को लेकर संसद और सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।